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एटा, 09 जुलाई। (उप्रससे)। ग्राम गढ़िया
में चिताओं की राख तो ठण्डी हो गई। लेकिन
परिजनों के धधकते दिलों को सात्वना नहीं
मिल पा रही है। जवान बेटों की मौत परिजनों
के दिमाग से उतरने का नाम नहीं ले रही है।
पूरे गांव में चीख पुकार मचती रही। हादसे
के तीसरे दिन भी गांव में नहीं जले चूल्हे।
परिजनों के दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा
है। जवान बेटों की मौत के बाद सैकडों लोगों
के सामने आजीविका का संकट मढराने लगा है।
लोगों का मानना है कि राज्य सरकार व
केन्द्र सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता
से कब तक अपना जीवन यापन कर सकते हैं।
बीते दिन हुये रेल-बस हादसे में शिकार हुये
लोगों के परिवारीजनों की चीख पुकारें पूरे
गांव में फैली हुई हैं। चिताओं की आग तो
ठण्डी हो गई है लेकिन जवान बेटों का गम
लोगों के जहन से निकलने का नाम नहीं ले रहा
है। वहीं राजनैतिक नेताओं व प्रशासनिक
अधिकारियों का गांव में आना जाना लगा रहता
है। गांव में चौपाल पर बैठे वृध्द मां बाप
तरह-तरह की बातें सोच अपनी आंखों से आंसू
नहीं रोक पा रहे हैं। वृध्दों ने कहा कि
अब हमारे खेत खलिहानों की नराई गुड़ाई व
फसलों की देखभाग कौन करेगा। सैकडों बातें
दिमाग में सोच अपने जवान बेटों का गम
रह-रहकर उनके दिल में दर्द भर रहा है। वहीं
राजनेता एवं गांव के बुजुर्ग लोग पीड़ितों
को दिलासा दे रहे हैं। कि तुम लोगों की
रक्षा ईश्वर ही करेगा।
पूर्व
विधायक व पूर्व सांसद ने बांटी आर्थिक
धनराशि
एटा, 09 जुलाई। (उप्रससे)। ग्राम गढ़िया
में दो दिन पूर्व हुये रेल हादसे में
शिकार लोगों के परिजनों को सांत्वना देने
राजनीति से जुड़े नेता व समाजसेवियों का
ग्राम में पूरे दिन आना जाना लगा रहता है।
वहीं बीते दिन सपा के पूर्व विधायक एवं
पूर्व सांसद ने गढ़िया में दुर्घटना में
शिकार हुये लोगों के परिजनों को एवं घायलों
को आर्थिक सहायता प्रदान कर। उन्हें
सात्वना बंधाई।
बीते दिन हुये रेल बस हादसे में शिकार लोगों
के परिवारीजनों एवं घायलों से मिलने के
लिये राजनैतिक नेताओं, समाजसेवियों का पूरे
दिन मजमा सा लगा रहता है। बीते दिन सपा,
भाजपा, बसपा के नेताओं द्वारा गांव में
जाकर पीड़ितों को सात्वना दी तथा शनिवार को
गये पूर्व सपा जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह
यादव एवं पूर्व सांसद देवेन्द्र सिंह यादव
द्वारा लोगों के हादसे के बारे में जानकारी
दी एवं मृतकों के परिवारों को सात्वना
प्रदान करते हुये पांच-पांच हजार रूपये की
आर्थिक सहायता दी तथा घायलों को दो-दो
हजार रूपये दे सहायता कर उन्हें धांधस
बंधाया। नेताओं द्वारा घायलों के जल्द
स्वस्थ होने की कामना की गई तथा मृतकों की
आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना
की।
विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
एटा, 09 जुलाई। (उप्रससे)। बहन के मरने के
बाद सबसे ज्यादा दुख उसके भाई को होता है।
क्योंकि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई की
सूनी कलाई को बहन द्वारा राखी बांधकर उसे
सजाया जाता है। उसी के चलते थाना जैथरा के
ग्राम गढ़िया में एक विवाहिता ने फांसी
लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्या के बाद लडकी
के पिता व ससुर में समझौता होने के बाद शव
को अंतिम संस्कार के लिये ले जा रहे थे
लेकिन विवाहिता के बडे भाई का दिल नहीं
माना उसने घटना की सूचना थाना पुलिस को
दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को चिता
से निकालकर अंतपरीक्षण हेतु पोस्टमार्टम
गृह भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार थाना जैथरा के
ग्राम गढ़िया निवासी सीमा पत्नी शिवसिंह
उम्र 26 वर्ष ने बीते दिन पति-पत्नी के
विवाद के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर
दी। सूचना पर पहुंचे सीमा के पिता और
शिवसिंह में बात आगे न बढाने को लेकर फैसला
हो गया। तभी सीमा की मौत की खबर उसके बडे
भाई को हुई तो वह भी ग्राम गढ़िया जा पहुंचा।
उसके दिल को तसल्ली न हुई तो उसने घटना की
सूचना थाना पुलिस को दे दी। सूचना पर
पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर
पोस्टमार्टम गृह भेज दिया। पुलिस ने कानूनी
कार्यवाही शुरू कर दी है।
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