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  Rural  
 
उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापामारी, 16 नमूने भर
Publised on : 2011:10:26       Time 22:40

शाहजहांपुर. 26 अक्टूबर। (उप्रससे)। मिलावटी व नकली खाद बीज और कीटनाशक पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है। कृषि निदेशक का फरमान मिलने के बाद यहां कृषि अधिकारियों ने तीन दर्जन प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर डीएपी, एसएसपी, माइोन्यूट्रिएंट समेत कीटनाशक व बीज के नमूने भरे।

कृषि निदेशक ने प्रदेश भर के कृषि अधिकारियों को प्रतिदिन दस-दस दुकानों की चेकिंग के निर्देश दिये हैं। जिले में जिला कृषि अधिकारी चरन सिंह, अपर जिला कृषि अधिकारी एके त्रिपाठी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार तथा भूमि सरंक्षण अधिकारी आके विश्वकर्मा ने अमल शुरु कर दिया है। डीएओ, एडीएओ और पीपीओ आदि ने पहले ही दिन तीन दर्जन दुकानों पर छापेमारी कर 16 नमूने अधिगृहीत किये गये। कार्रवाई का केन्द्र रहा पुवायां और सदर क्षेत्र। डीएओ ने इस दौरान नाहिल साधन सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया। यहां न तो कृषि ऋण का रजिस्टर मिला और न ही किसानों को दी जाने वाली चेक। इस अवसर किसानों ने पुराने मूल्य 605 रुपये वाली डीएपी को नये दर पर बेचे जाने की शिकायत की। डीएओ ने बताया कि समितियों पर ऋण के तहत डीएपी पुरानी दरों मिल रही है, जबकि नया रेट 910 रूपये बोरी का है।

ग्राम प्रधानों पर लाठी चार्ज, कई घायल

Publised on : 2011:10:20       Time 22:10

लखनऊ, 20 अक्टूबर  I (उप्रससे)। Lucknow, Oct 20, 2011. Uttar Pradesh Samachar Sewa, Agency for Web News in Uttar Pradesh. मानदेय बढाने की मांग को लेकर मार्च निकाल रहे ग्राम प्रधानों पर पुलिस ने जमकर लाठी चार्ज किया। इससे कई प्रधान घायंल हो गए। उन्हें राजधानी के विभिन्न अस्पतालों मे भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार अपनी मांगों के समर्थन में आज ग्राम प्रधान संघ के तत्वावधान में प्रदेश भर से आये प्रधानों ने झूलेलाल पार्क में धरना दिया। धरने पर किसी अधिकारी के ज्ञापन लेने के लिए नहीं पहुंचने पर ग्राम प्रधानों ने प्रमुख सचिव पंचायती राज से मिलने के लिए जूलूस के रूप मे जाने का फैसला कर लिया। प्रधान मार्च के रूप में सचिवालय के लिए चल दिये। इसी दौरान को पुलिस को जब प्रधानों के मार्च की सूचना मिली तो पुलिस ने झूलेलाल पार्क पर ही उन्हें रोकना चाहा, किन्तु प्रधान उग्र हो गए तथा सचिवालय जाने की जिद पर अ़ड गए। जिद पर अडने से दोनों पक्षों में तकरार हो गई। इसी दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। लाठी चार्ज में कई प्रधआन घायल हो गए। जानकारी के अनुसार पुलिस ने प्रधानों को जमकर पीटा। प्रधानों ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास की दुकानों में छिपकर खुद को बचाया। आदर्श ग्राम प्रधान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह के अनुसार लाठी चार्ज में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में सचिव सत्रोहन वर्मा, श्रीनिवास तिवारी, सत्यनारायण, मो.नईम.शिवनाथ और शिवर शामिल हैं।

इसके पहले प्रधानों ने पार्क में धरना दिया। उनकी मांगें है कि उनके मानदेय में बढोत्तरी की जाए। मानदेय बढा़कर 15000 रूपये प्रतिमाह की किया जाए। कृषि भूमि के अधिग्रहण से पहले ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कराया जाए।इसके अलावा मनरेगा का पैसा सीधे ग्राम पंचायत के खातों में जाए।

 

वीएम सिंह की बदौलत गन्ना किसानों को मिलेगा दो साल पुराना बकाया

tags: Cane Price High Court dicision, B.M.Singh Rashtriya Kishan Majdoor Sangathan

Publised on : 2011:09:05       Time 17:14                                   Update on  : 2011:09:05       Time 17:14 

मुजफ्फरनगर, 05 सितम्बर। (उप्रससे)। Uttar Pradesh News गन्ना किसानों के लिये राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ज् ी लड़ाई रंग लायी है। प्रदेश भर के उन गन्ना ज् िसानों के पक्ष में हाईज् ाेर्ट ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के समन्वयक की याचिका को सुनते हुए फैसला सुनाया है कि जिनका दो साल पहले गन्ना मूल्य को लेकर भेदभाव बरता गया था। हाईकोर्ट ने प्रदेश के गन्ना आयुक्त को यह आदेश दिया है कि जिन सोसायटियों में गन्ना मूल्य में भेदभाव बरता गया था, उन्हें तत्काल अंतर मूल्य दिलवाया जाये।
एक सोसायटी में एक रेट की कानूनी लड़ाई गन्ना किसानों के पक्ष में गयी है, इस संबंध में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडलीय संयोजक विकास बालियान ने बताया कि दो साल पहले राय के गन्ना किसानों के साथ गन्ना खरीद मूल्य में प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य को लेकर भेदभाव किया गया था। गन्ना किसानों को 185 से लेकर 260 रुपये प्रति कुन्तल के हिसाब से भुगतान ज् िया गया था। इसी सम्बन्ध में समन्वयक वीएम सिंह ने हाईकाोर्ट में रिट दायर की थी। इसी पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए गन्ना आयुक्त को आदेश दिया है ज् ि ज़िन सोसाइटियों में गन्ना रेट में भेदभाव बरता गया था, वहां तत्काल अंतर मूल्य दिलवाया जाये।
वीएम सिंह ने जिरह को दौरान कोर्ट को बताया कि राय की अधिकांश सोसाइटी में छह-सात रेट दिये गये हैं। इस फैसले से प्रत्येक गन्ना किसान को इस आदेश का लाभ मिलेगा।
विकस बालियान ने कोर्ट के फैसले के बारे में फोन पर जानज् ारी देते हुए बताया कि लखनऊ खंडपीठ न्यायाधीश प्रदीप कान्त एवं न्यायाधीश ऋतुराज अवस्थी ने बीती 29 अगस्त को दिये अपने फैसले में गन्ना आयुक्त को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता वीएम सिंह, चीनी मिल प्रबन्धन एवं समबध्द गन्ना समितियों के किसानों को साथ में लेकर गन्ना खरीद में हुए भेदभाव का जल्द से जल्द से निपटारा करे। खंडपीठ ने यह भी कहा है कि इसमें याचिकाकर्ता वीएम सिंह गन्ना आयुक्त को बतायेंगे कि किन-किन चीनी मिलों में किसानों के मूल्य भुगतान में भेदभाव हुआ है, जिस पर गन्ना आयुक्त तत्काल कार्यवाही करायेंगे तथा गन्ना किसानों को अंतर बकाया धनराशि का भुगतान करायेंगे। खंडपीठ ने गन्ना आयुक्त को यह भी साफ किया है कि यह काम शीघ्रता से होना चाहिये न कि इसमें महीनों लगाये जायें।
बताते चलें कि वीएम सिंह ने खंडपीठ में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि दो साल पहले वर्ष 2009-10 में राय की लगभग सभी चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों ज् ाे 185 रुपये प्रति कुन्तल से लेकर 260 रुपये प्रति कुन्तल तक की पर्ची पर गन्ना खरीदा गया था। यह अन्तर राय के पचास लाख गन्ना किसानों के शोषण का प्रबल उदाहरण था। इस वजह से अधिज् ांश छोटे व लघु जोत के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था, क्योंकि उनका गन्ना शुरू की दो-तीन पर्चियाें में ही खत्म हो गया था। शुरूआत में चीनी मिलों ने 185 रुपये प्रति कुन्तल से 195 रुपये प्रति कुन्तल ज् े हिसाब से गन्ना खरीदा था।
याचिकाकर्ता ने खंडपीठ को यह भी अवगत कराया ज् ि सोसाइटी में गन्ने के दो रेट नहीं हो सकते, इस संबंध में उच्चतम न्यायालय अपना आदेश दे चुज् ा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस आदेश का राय की चीनी मिलों द्वारा उल्लंघन किये जाने पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने 16-17 दिसम्बर 2009 को हजारों किसानों के साथ लखनऊ में गन्ना आयुक्त कार्यालय परिसर में धरना भी दिया था। जिस पर तत्कालीन गन्ना आयुक्त ने राय सरज् ार की ओर से किसानों को आश्वस्त किया था कि एक सोसाइटी में एक रेट के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राय सरकार लागू करायेगी, लेतिन ऐसा नहीं होता देख याचिकाकर्ता ज् ाे कोर्ट ज् ी शरण लेनी पड़ी।

अंबेडकर गांवों तक ही सिमटा विकास
15 गांवों में 30 करोड़ तथा 650 गांवों को महज 25 करोड़

Publised on : 2011:06:22       Time 23:55                    Update on  2011:06:22       Time 23:55

मुजफ्फरनगर, 22 जून। (उप्रससे)। अंबेडकर ग्राम विकास योजना में चयनित गांवों की तस्वीर भले ही बदल रही हो लेकिन अम्बेडकर ग्रामों के सामने अन्य गांव की किस्मत ही रूठ नजर आ रही है। जनपद मुजफ्फरनगर की बात की जाए तो चालू वित्ताीय वर्ष के चयनित 15 अंबेडकर गांव के अलावा जिले के अन्य गांव विकास से पिछडते जा रहे है। यहां तक की ग्राम पंचायत के विकास के लिए चलायी जाने वाली योजनाए भी अंबेडकर गांवों में ही सिमट कर रह गयी है और गैर अम्बेडकर ग्रामों के लिए विकास के नाम पर मजाक किया जा रहा है। जनपद के 687 ग्राम पंचायत है। गत वर्ष के चयानित पंद्रह अंबेडकर गांवों में विकास कार्य पूरा होने पर अब चालू वित्ताीय वर्ष के पंद्रह अंबेडकर गांवों में विकास का पहिया दौड़ रहा है। इन गांवों में शौचालय निर्माण हो या फिर सीसी रोड अथवा ड्रेनज व विद्युतीकरण, एवं पेयजल एवं आवास योजना के लिए करीब 30 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। जबकि अन्य गैर अम्बेडकर ग्रामों में साढ़े छह सौ गांवों के लिए राज्य वित्ता महज 25 करोड़ रूपया रिलीज किया है। तेरहवें वित्ता आयोग में कितनी धनराशि भेजी गयी, अभी इसकी जानकारी नहीं है। अंबेडकर गांवों को छोड़कर अन्य छह सौ गांव शौचालय निर्माण, महामाया आवास, सीसी रोड, संपर्क निर्माण आदि योजनाओं से गू है। शासन के स्पष्ट आदेश है कि पहले अंबेडकर गांवों में की योजनाओं संचालित की जाए। अंबेडकर गांवों के शतप्रतिशत बीपीएल परिवार एवं अंतोदय तथा महामाया आर्थिक मदद योजना के पात्राें का भी शतप्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए है। इस संबंध में डीपीआरओ का कहना है कि अन्य गांवों में राज्य वित्ता से कार्य कराया जाता है। शौचालयों का लक्ष्य अंबेडकर गांवों के लिए ही रखा गया है। इंदिरा आवासों के निर्माण को मिला एक करोड़ साठ लाख का बजट
5987 आवास विहीन परिवारों को मिलेगी छत
शाहजहांपुर, 24 अप्रैल, (उप्रससे)।इंदिरा आवास योजना के तहत 5987 आवास विहीन परिवारों को छत मुहैया कराने के लिए एक करोड़ साठ लाख रूपए का बजट उपलब्ध कराया है।
बजट मिलने के बाद अब डीआरडीए केंद्र से मिलने वाले बजट का इंतजार कर रहा है। जिसमें बाद पात्रों को आवास उपलब्ध कराने के लिए राशि प्रदान कर दी जायेगी। बजट आते ही सरकारी कार्योलयों में इंदिरा आवास के लाभार्थियों की आवाजाही शुरू हो जायेगी। इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 2011-12 में जनपद के 5987 गरीब आवास विहीन परिवारों को आवास मुहैया कराया जायेगा। जिसमें से 3592 आवस अनुसूचित जाति एवं जनजाति को और 2395 अन्य समाज के लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जायेगे। इन अवासों के निर्माण के लिए 29 करोड़ 94 लाख 15 हजार की कार्ययोजना डीआडीए ने भेजी थी। जिसे पास कर दिया गया। सामान्य जाति के पात्रों को आवास मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने 46 लाख दो हजार तथा अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए एक करोड़ 15 लाख 14 हजार का बजट भेज दिया है। इंदिरा आवास योजना के तहत प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत तथा केंद्र सरकार 75 प्रतिशत बजट देती है। डीआरडीए विभाग अब केंद्र से मिलने वाले बजट का इंतजार कर रहा है। जिसके बाद पात्रों की चयन प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।
पीडी अशोक बाबू मिश्र ने बताया कि इंदिरा आवास के लाभार्थियों का चयन होने के बाद दो किस्तों में आवास निर्माण को धनराशि सीधे पात्र के खाते में भेज दी जाती है। निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व प्रथम किस्त के रूप में 33750 रूपए और द्वितीय किस्त में 11250 रूपए की धनराशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से बजट प्राप्त होते ही पात्रों की चयन प्रक्रिया प्रारम्भ हो जायेगी। वहीं इंदिरा आवास पाने के लिए सरकारी कार्यालयों पर आवेदकों की आवाजाही भी शुरू हो गयी है।

अम्बेडकर गांवों में खुलेंगे आईटीआई
लखनऊ, 20 अप्रैल। (उप्रससे)। प्रदेश सरकार अब अम्बेडकर गांवों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खोलेगी। इस आशय के निर्देश आज यहां प्रदेश के व्यवसायिक शिक्षा एवं रेशम वस्त्र उद्योग मंत्री जगदीश नारायण राय ने दिये। वे यहां विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
श्री राय ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए डा.अम्बेडकर गांवों में आईटीआई खोलने के लिए प्रस्ताव बनायें। इसके अलावा श्री राय ने निर्देश दिये कि सभी आईटीआई में शैक्षिक सत्र हर हालत में अगस्त में आरम्भ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर आईटीआई के नवीन भवनों का निर्माण हो रहा है वहां जाकर अधिकारी निरीक्षण करें। यदि काम की गति धीमी हो और निर्माण गुणवत्ता के अनुसार न हो तो निर्माण एजेंसी को बदल दिया जाए। विभागीय समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव व्यवसायिक शिक्षा वीरेश कुमार, संयुक्त सचिव सुश्री अनीता श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
किसानों को खेत में नरई न जलाने दें: राहत आयुक्त
लखनऊ, 20 अप्रैल। (उप्रससे)। प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों को खेतों में खड़ी नरई जलाने से रोकें। उन्हें किसी भी हालत में नरई न जलाने दें। इसके लिए प्रचार प्रसार भी करें। क्योंकि नरई जलाने से आग लगने की घटनाएं होती हैं। ये निर्देश आज यहां प्रदेश के राहत आयुक्त के.के.सिंहा ने जारी किये।
ष्ठी सिंहा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों द्वारा गेहूं की कटाई कंबाइन से करायी जाती है। उनमें गेहं की नरई रह जाती है। इसे बाद में किसान जला देते हैं। इससे ही अनिकाण्ड होतें हैं। उन्होंने इस पर नजर रखने को कहा है। इसके अलावा श्री सिंहा ने कहा कि जिन गावों में अनिकाण्ड हुए हैं। वहा ंअन्गिकाण्ड पीडितों को स्कूलों में सेल्टर होम बनाकर रखा जाए। सभी जिलाधिकारी आवश्यकतानुसार पीडितों को सेल्टर होमों मे रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करायें।
श्री सिंहा ने निर्देश दिये कि जिन पीड़ितों का इलाज अल्प समय में संभव है उन्हें ढाई हजार रूपये था जिनका इलाज 15 दिन से अधिक चलेगा उन्हें साढे सात हजार रूपये प्रदान किये जाएं। इसके साथ ही उन्होंने पशुओं की हानि होने पर भी यथोचित सहायता देने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही प्रत्येक पीड़ित परिवार को बर्तन और कपड़ो के लिए एक-एक हजार रूपये प्रदान किये जाएं। सीजनल अमीनों की स्थायी नियुक्ति नियमावली बदले बगैर संभव नहीं: प्रमुख सचिव
लखनऊ, 20 अप्रैल। (उप्रससे)। सीजनल संग्रह अमीनों की स्थायी नियुक्ति पर सरकार सकारात्मक रुख अपना रही है। किन्तु इनकी स्थायी नियुक्ति सेवा नियमावली में परिवर्तन किये बिना संभव नहीं है। यह नीति विषयक मामला है। इसमें अभी समय लगेगा। यह जानकारी आज यहां प्रमुख सचिव राजस्व एवं प्रदेश के राहत आयुक्त के.के.सिंहा ने दी।
ज्ञातव्य है कि सीजनल संग्रह अमीन स्थायी नियुक्ति के लिए आंदोलन कर रहे हैं। इनकी मांगों पर विचार के लिए शासन स्तर पर सहमति बनी है। इस संबंध में श्री सिंहा ने आज यहां एक बयान जारी कर कहा कि अभी तक जो व्यवस्था है उसके तहत सीजनल अमीनों के नियुक्ति प्राधिकारी उप जिलाधिकारी होते हैं और जब भी जरूरत पडती है इन्हें जिलाधिकारी स्तर से लगा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसलिए इन्हें चाहिए कि ये अपनी समस्याओं का समाधान तहसील एवं जिला स्तर पर ही करायें और आवश्यकता पडने पर मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त से सम्पर्क कर लें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर इन्हें आने की कोई जरूरत नहीं है।
श्री सिन्हा ने बताया कि वर्तमान समय में लागू सेवा नियमावली के अनुसार 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से और शेष 50 प्रतिशत में से 33 प्रतिशत सामयिक संग्रह अमीनों के कोटे से तथा 15 प्रतिशत अनुसेवकों के कोटे से पदोन्नत होते हैं। उन्होंने बताया कि सीजनल संग्रह अमीन यह मांग कर रहे हैं कि 50 प्रतिशत सीधी भर्ती की व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाय, जो एक नीति विषयक मामला है। उन्होंने बताया कि सेवा नियमावली में संशोधन का प्रयास कराया जा रहा है और जब तक नियमावली में संशोधन नहीं हो जाता है, प्रदेश में जहां-जहां जगह हो इन्हें वर्तमान नियमावली के अनुसार रखे जाने में कोई दिक्कत नहीं है।

 

समस्त ब्लाकों में ब्लाक प्रमुखों और सदस्यों को दिलायी पद एवं गोपनीयता की शपथ

शाहजहांपुर, 19 मार्च। (उप्रससे)। जनपद के समस्त ब्लाकों में ब्लाक प्रमुखों और सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी गई। शपथ ग्रहण समारोह में जनपद के ब्लाक जलालाबाद में नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख महजबी बेगम एवं ब्लाक क्षेत्र 75 बीडीसी सदस्यों को ब्लाक परिसर में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप गुप्ता ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर विधायक नीरज मौर्य ने ब्लाक प्रमुख एवं समस्त 75 बीडीसी सदस्यों को माल्यार्पण एवं पुष्प भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान प्रमुख पति शकील अहमद खां, शमीम अहमद खां, भोले मियां, सादिक अली, रऊफ खां, मो.तारिक, भूरे अली, अनिल गुप्ता, आलोक मिश्रा, शिवओम शुक्ल, डा.नरेन्द्र, बीडीओ कपिल कुमार सहित भारी संख्या में संभ्रांत जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रेम प्रकाश गुप्ता ने किया। जनपद के ब्लाक पुवायां के ब्लाक परिसर में जिला गन्ना अधिकारी रियाजुद्दीन खां ने प्रमुख अनुराग सिंह एवं सभी बीडीसी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर विधायक धीरेन्द्र प्रसाद, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवीर सिंह एडवोकेट, रामनरायन मेहरोत्रा, आरएन सक्सेना, ओपी गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य राकेश यादव, वीके वर्मा, जापान बाबू निर्भय चन्द्र सेठ, बाबूराम गुप्ता, केके गुप्ता, देवेन्द्र अवस्थी, विजय वर्मा, सुनील पाठक, देवेन्द्र शुक्ला, अनुराग शुक्ला, मुन्ना सिंह, गंगाराम मिश्रा, विजय कुमार, बीडीओ अनुराधा, उमा देवी आदि मौजूद थे। संचालन राजेश शुक्ला ने किया। जनपद के ब्लाक निगोही में खंड विकास कार्यालय के पंचायत भवन परिसर में खंड विकास अधिकारी कंचन माला ने नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख सरोज कुमारी पत्नी महेश चन्द्र को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर विधायक रोशन लाल की पत्नी भानुमती वर्मा, खंड विकास अधिकारी कंचन माला, जिला मत्स्य अधिकारी डीएस पटेल, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद अवस्थी, रामरक्ष पाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम नरायन मिश्रा, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पं.टाकन लाल मिश्र इत्यादि ने सम्बोधित किया जिसमें मनोज वर्मा, कयूम खां, डा.आसिम, उजमा बेगम, देवकी रानी, बादाम सिंह इत्यादि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अभय मोहन मिश्र व कुलवंत सिंह कुशवाहा तथा अध्यक्षता राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता टाकन लाल मिश्र ने की। जनपद के ब्लाक मिर्जापुर के ब्लाक सभागार में समाज कल्याण अधिकारी मुश्ताक अहमद ने ब्लाक प्रमुख पुरुषोत्तम वर्मा व 58 बीडीसी सदस्यों को शपथ ग्रहण करायी। इस दौरान बीडीओ कपिल कुमार, विधायक नीरज मौर्या, बसपा विस क्षेत्र प्रभारी श्यामलाल सागर, पुत्तूसिंह कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य डा. नरेन्द्र, ओमपाल कुशवाहा, दिलीप गुप्ता, नेत्रपाल, मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे। जनपद के ब्लाक सिंधौली में बीडीओ महेन्द्रदेव पांडे ने ब्लाक प्रमुख सीमा सिंह व 71 बीडीसी सदस्यों को शपथ दिलायी। इस दौरान मुख्य अतिथि बसपा विधायक धीरेन्द्र प्रसाद रहे। शपथ ग्रहण समारोह में अवधेश सिंह एडवोकेट, अरुण सिंह पिंटू, प्रदीप यादव मुन्ना, मुनीश यादव आदि उपस्थित रहे। जनपद की तहसील तिलहर के ब्लाक परिसर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जेके वर्मा ने ब्लाक के डबाकरा भवन में नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख अभिनव शर्मा वीरू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। तदोपरान्त ब्लाक प्रमुख ने सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को शपथ ग्रहण करायी। इसके बाद अभिनव शर्मा तथा उनके समर्थकों ने ब्लाक से आवास तक पूरे रास्ते जमकर होली खेली व आतिशबाजी छुड़ाकर तथा मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार किया। समारोह में बीडीओ मुरारीलाल, एबीएसए नजमुल इरफान, पं0 देवनरायन मिश्रा, नरेन्द्र वर्मा, विनीत शर्मा, कैलाश शर्मा, सुनील शर्मा, देवेन्द्र गुप्ता एडवोकेट, सूबेदार वर्मा आदि मौजूद थे।

जनपद के बण्डा ब्लाक के सभागार में ब्लाक प्रमुख तौलेराम वर्मा सहित 73 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को जिला कृषि अधिकारी चरन सिंह ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि विधायक धीरेद्र प्रसाद ने नवनिर्वाचित प्रमुख तौलेराम वर्मा सहित सदस्यों को फूल माला पहनाकर बधाई देकर होली की मुबारकबाद दी। इस मौके पर बीडीओ लल्लूराम के साथ पूर्व ब्लाक प्रमुख राजकुमार सिंह, ठा. मनोज सिंह, जयपाल सिंह, प्रेमपाल वर्मा, बलराम सिंह, बृजेश सिंह, संतकुमार सिंह, जबर सिंह, धनंजय सिंह, राजू सिंह, गूड्डू सिंह, बंधू वर्मा, रामकुमार, विनोद सिंह आदि मौजूद रहे। जनपद के ब्लाक खुटार के ब्लाक सभागार में नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख मनोज त्रिवेदी व समस्त बीडीसी सदस्यों को जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने पद एवं गोपनियता की शपथ दिलायी। समारोह में राजा विजय शाह जू देव, विधायक धीरेन्द्र प्रसाद, नगर पंचायत अध्यक्ष अनुपम शुक्ल, राजेन्द्र प्रसाद, पाल सिंह, आशीष सिंह विधायक प्रतिनिधि राजकुमार शंखवार, शिव कुमार वर्मा, सरदार देवेन्द्र सिंह, आशाराम वर्मा, रामप्रकाश मिश्र, डीपी मिश्र, समस्त बीडीसी व प्रधान, खण्ड विकास अधिकारी रामप्रकाश मिश्र, एडीओ पंचायत हर्षवर्धन श्रीवास्तव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

जनपद के भावलखेड़ा ब्लाक में विकास खण्ड मुख्यालय पर शपथ ग्रहण समारोह में ब्लाक प्रमुख ऊधौलाल वर्मा को जिला विकास अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल ने शपथ दिलायी। इस दौरान मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री अवधेश कुमार वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष बहादुर लाल आजाद उपस्थित रहे। जनपद के विकास खण्ड ददरौल में ब्लाक प्रमुख श्रीमती अनीता वर्मा को परियोजना निदेशक अशोक बाबू मिश्र ने शपथ दिलायी। जनपद के विकास खण्ड कांट की ब्लाक प्रमुख श्रीमती संतरा वर्मा को जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शशि किरन गुप्ता ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी भावलखेड़ा अभिराम त्रिवेदी ददरौल व कांट, प्रणय कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख भालखेड़ा केपी सिंह, विजय वर्मा सिंह, दिनेश कुमार वर्मा, मुकेश कुमार वर्मा, लालाराम सिंह कुशवाहा, जनयप्रकाश गुप्ता, अरविंद कुमार वर्मा, राजेश्वर सिंह, हरेराम वर्मा, ध्रुव सिंह, रामसागर पाल, सर्वेश कुमार, राकेश गौतम, जिला महासचिव ने किया रामरक्षपाल आदि उपस्थित रहे।

महामाया गरीब मदद योजना में लाभार्थियों की असुविधा पर प्रमुख सचिव का निर्देश

लखनऊ, 16 जनवरी। (उप्रससे)। प्रदेश सरकार ने निर्देश दिये हैं कि उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का क्रियान्वयन पांच सदस्यों के परिवार को आधार मानते हुए किया जाये। इस योजना के लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 19,884 रूपये तथा शहरी क्षेत्रों में 25,446 रूपये प्रति परिवार प्रति वर्ष की अधिकतम आय सीमा के अनुसार निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन
 करने वाले परिवारों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिये गये हैं।
       उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव समाज कल्याण बलविन्दर कुमार द्वारा प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को जारी परिपत्र में यह जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि योजना में सर्वे के उपरान्त बी0पी0एल0 मानकों के अनुसार गांव सभा/वार्ड की खुली बैठक में पात्र परिवारों का चयन होने के बाद भी उनके आवेदन पत्र भरवाते समय या बैंक एकाउण्ट खोलते समय उप
 जिलाधिकारीगण द्वारा पुनः आय प्रमाण-पत्र प्राप्त किये जाने पर जोर दिया जाता है, जिससे लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से परेशानी हो रही है तथा कई मामलों में प्रमाण-पत्र न बनने के कारण उन्हें इस योजना के अन्तर्गत लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
प्रमुख सचिव ने कहा है कि वर्ष 2002 में निर्धारित गरीबी रेखा की आय सीमा में देश एवं प्रदेश के सर्वागींण विकास के कारण काफी परिवर्तन हो चुका है। चूॅंकि इस सीमा को निर्धारित करने का अधिकार भारत सरकार को है इसी कारण इस योजना में सभी परिवारों का सर्वेक्षण करने के उपरान्त सबसे गरीब परिवारों को 16 अंक कट-आॅफ-प्वाइंट निर्धारित करने के उपरान्त ही उनका चयन किया गया है। उन्होंने
 निर्देश दिये हैं कि लाभार्थियों के अन्तिम चयन के उपरान्त आय-प्रमाण-पत्र लेने के लिए कोई दिशा-निर्देश भी इस विभाग द्वारा जारी नहीं किये गये हैं। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि लाभार्थियों के बैंक एकाउण्ट खोलते समय संबंधित अधिकारी द्वारा उन महत्वपूर्ण सूचनाओं का जो सर्वे के समय फार्म में भरी गई थीं, आवश्यकतानुसार सत्यापन कराया जाय।

38 अम्बेडकर ग्रामों की सूची जारी, चार ब्लाकों में एक भी अम्बेडकर ग्राम नहीं

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। (उप्रससे)। शासन ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 38 अम्बेडकर गांवों की सूची जारी कर दी है। इनमें से 21 गांव अकेले पुवायां विधानसभा में हैं। जबकि चार ब्लाकों में एक भी अम्बेडकर गांव नहीं है। सीडीओ ने सम्बन्धित विभागों से 15 मार्च तक प्रस्ताव मांगे हैं।

चालू वित्तीय वर्ष में 44 अम्बेडकर गांवों में कार्य पूरे हो चुके हैं। शासन ने वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 38 नए अम्बेडकर गांवों की सूची जारी कर दी है। इनमें से जलालाबाद विधानसभा में तहसील में ढका उजरा, लालपुर नयागांव, सराय साधो, संगेडी(कलान), ददरोल में चन्योरा बहादुरपुर(मदनापुर), सिकंदपुर खुर्द(कांट), सिंगरहा सिंगरही, रामपुर ननकारी, चकभिटारा, बरतारा, पट्टी बहादुरपुर(भावलखेड़ा), पुवायां विधानसभा में नभीची, रायटांडा, कर्र खेडा, लुहिचा, (बंडा), जसवंतपुर उर्फ जमीने जेंवा, आनंदपुर, इटोली, बिलसंडी खुर्द, पीरू, आंवा दुगईया, बिलसंडी बुजुर्ग, महमदपुर सैजनिया, बेहटा जेवां (पुवायां), लडती, धनसिंहपुर, हंसपुर, सराय, रसवां कलां, (खुटार), निगोही विधानसभा में अजीजपुर, बिछोली, शेखूपुर(सिंधोली), तिलहर विधानसभा में करोंदा(मदनापुर) महमदपुर हरा(तिलहर) शामिल हैं। हालांकि ददरौल, जैतीपुर, मिर्जापुर व खुदागंज ब्लाक में एक भी गांव को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। सीडीओ मुरली मनोहर लाल ने बताया कि पीडब्लूडी, विद्युत, जलनिगम, डीआरडीए के अलावा सम्बन्धित विभागों से इन गांवों में सीसी रोड, शौचालय, इंदिरा, महामाया आवास, केसी ड्रेन आदि कार्यों के प्रस्ताव 15 मार्च तक मांगे गए हैं।

जिलाधिकारी ने चिन्हित ग्रामों को योजनाओं से सुसाित करने के दिए निर्देश

शाहजहांपुर, 24 फरवरी। (उप्रससे)। जिलाधिकारी नवदीप रिणवा ने समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के 15 ग्रामों को चिन्हित कर शासन द्वारा प्रदत्त समस्त सुविधाओं एवं योजनाओं से सुसाित करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी रिणवा ने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वह अपने 15 चिन्हित ग्रामों का सघन भ्रमण कर यह सुनिश्चित करे कि ग्रामों में पहुंचने हेतु आवागमन मार्ग दुरूस्त है। ग्राम के भ्रमण के दौरान चौपाल लगाकर ग्रामवासियों की समस्याओं तथा खतौनियों को पढ़कर सुनाना, विरासत दर्ज करायी जा  सकती है। कृषि एवं आवासीय, मत्स्य एवं कुम्हारी पट्टों का सत्यापन किया जाये, भूमि एवं चकरोड़ विवाद का निस्तारण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सम्बन्ध में शिकायतें प्राप्त कर निस्तारण किया जाये। इसके अलावा यदि कोई विकास सम्बन्धी मुद्दा उठता है तो उसका समाधान मौके पर ही कर दिया जाये। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों से उक्त कार्ययोजना एवं अनुपालन आख्या भी उन्हें उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।

अम्बेडकर ग्राम माहर का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, खामियां मिलने पर दिए निर्देश

शाहजहाँपुर, 2 फरवरी। (उप्रससे)। अ?बेडकर ग्रामों का निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अजय चौहान जनपद के ब्लाक जैतीपुर के अ?बेडकर ग्राम माहर पहुंचे। उन्होंने अ?बेडकर ग्राम माहर में सी.सी.रोड़, नाली, खण्डजा, इन्दिरा आवास, शौचालयों का निरीक्षण किया तथा मानक के अनुरूप निर्माण कार्य न किये जाने व धीमी गति पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने जे.ई. को एक सप्ताह के भीतर अधूरे पड़े निर्माण कार्यो को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के अधूरे पड़े निर्माण कार्य पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जे.ई. को पंद्रह दिन के अन्दर स?पूर्ण कार्य किये जाने के निर्देश दिये। इसके बाद जिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू हुए। उन्होंने विधवा, वृद्धावस्था, विकलांग पेंशन, विद्युत, पेयजल, हैण्डप?पों, आर्थिक मदद योजना, छात्रवृत्ति के बारे में ग्रामवासियों ने जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री चौहान ने अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। शिकायत प्राप्त होने पर स?बन्धित अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

इस अवसर पर मु?य विकास अधिकारी मुरली मनोहर लाल, उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार, परियोजना निदेशक अशोक बाबू मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी एके शाही, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जेक वर्मा, तहसीलदार तिलहर राजमणि मिश्र सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

 

दुग्ध व्यवसाय भारतीय संस्कृति की आस्था का प्रतीक : डॉ. कामना तिवारी

शाहजहाँपुर, 2 फरवरी। (उप्रससे)। गांव में आय बढ़ाने के अनेक साधन हैं उसमें कृषि के साथ ही दुग्ध व्यवसाय का प्रमुख स्थान है। महिलाएं दुग्ध व्यवसाय में अपना सहयोग प्रदान कर परिवार की आय बढ़ा सकती हैं। दुग्ध व्यवसाय भारतीय संस्कृति की आस्था का प्रतीक है।

राष्ट्रीय युवा विकास शोध संस्थान के तत्वावधान में उक्त विचार खादी महोत्सव में आत्मा योजना में दुग्ध व्यवसाय की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभार?भ करते हुए डॉ. कामना तिवारी ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के लिए गांव में अनेक अवसर है। उसके लिए गांव में अच्छा चारा उपलब्ध है स्वास्थ्य की देखभाल में इसका बहुत बड़ा योगदान है।

विशिष्ट अतिथि दिनेश कुमार सिंह सामान्य प्रबन्धक जिला दुग्ध विकास ने कहा िक दुग्ध की समाज को बहुत आवश्यकता है। वह तभी स?भव है जब उत्पादन बढ़ाया जाये। डॉ. छोटे लाल पाल मु?य पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशुओं की बीमारियों तथा उनके इलाज की जानकारी दी। उन्होने कहा कि किसानों को इसकी जानकारी होना अति आवश्यक है। शैलेंद्र कुमार जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कहा कि गांव के लोग अपने पशुओं की अच्छी देखला करते है। कार्यक्रम का समापन आशीष पाण्डेय परियोजना प्रबंधक ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य तभी अच्छा होगा जब हम गांव में दुग्ध उत्पादन को बढ़ायेगे। जेपी शर्मा ने भी दुग्ध व्यवसाय के महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश भइया ने की। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय युवा विकास शोध संस्थान के सचिव बृजेश कुमार ने किया सभी का स्वागत रंजना गुप्ता तथा धन्यवाद हरद्वारी लाल ने किया।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग स्व-रोजगार योजना के यिान्वयन में तेजी लाने के निर्देश

खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)। प्रदेश की खादी एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ओमवती ने विभागीय अधिकारियों को विभाग की विभिन्न योजनाओं के यिान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के प्रभावी यिान्वयन से प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को बडी हद तक हल किया जा सकता है। उन्होंने स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत संचालित की जा रही मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के यिान्वयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

                  श्रीमती ओमवती ने कल यहां आयोजित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिये। बैठक में प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग श्री अशोक कुमार, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा परिक्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया।समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 103.00 करोड़ रूपये के संस्थागत पूंजीनिवेश से 3689 इकाईयों की स्थापना कराई गयी जिससे 41000 ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार माह दिसम्बर, 2010 तक लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 93 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त की गयी। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यम के अन्तर्गत भी 47.94 करोड़ रूपये के पूंजीनिवेश से 437 ग्रामोद्योग इकाईयों की स्थापना करायी गयी जिससे लगभग 12625 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ।बैठक में यह भी बताया गया कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को चालू वित्तीय वर्ष में आयोजनागत योजनाओं के संचालन हेतु 18.26 करोड़ रूपये का बजट प्राविधान किया  गया है जिसके सापेक्ष 13.67 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत की जा चुकी हैं तथा 8.97 करोड़ रूपये का व्यय भी किया जा चुका है। साथ ही इकाईयों की स्थापना से पूर्व 3802 व्यक्तियोंमहिलाओं को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा गुणवत्ता नियंत्रण कार्यम के अन्तर्गत भी 30 जागरूकता कार्यम तथा तीन तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किये गये। ग्रामोद्योगी उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शनियों के उद्देश्य से जनपद बिजनौर में एक आंचलिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा चुका है। माह जनवरी, 2011 में लखनऊ में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी तथा गोरखपुर व कानपुर में आंचलिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।                                       

 

ग्राम्य विकास की समीक्षा बैठक सम्पन्न

कैम्प लगाकर शत-प्रतिशत जॉबकार्ड बनाएं

मनरेगा में महिलाओं के अधिक जॉबकार्ड व खाते खुलवाने के निर्देश

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)। उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे 11 से 14 जनवरी तक गांव पंचायतों के स्कूलों आदि में कैम्प लगाकर मांग के अनुरूप शत-प्रतिशत जॉब कार्ड बनायें। यह निर्देश ग्राम्य विकास मंत्री ने आज यहां यू0पी0आर0आर0डी0ए0 के सभाकक्ष में आयोजित विभागीय कार्यमों की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। उन्होंने मनरेगा में महिलाओं की संख्या बढाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक महिलाओं के जॉबकार्ड बनाये जायं। साथ ही उनके खाते भी खुलवायें जायें। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी तक कोई ऐसा गांव नहीं होना चाहिए। जहां पर कैम्प न लगा हो। इन चार दिनों के बाद अगर जॉब कार्ड संबंधी शिकायत आयी तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही होगी।

            श्री प्रसाद ने कहा कि मनरेगा में अधिकाधिक जॉब मिले इस हेतु पांच लाख पट्टेदारों के खेत पर काम होंगे। जिन जिलों में आदर्श तालाब की जरूरत है वे एक और तालाब बना सकते हैं। उन्होंने आदर्श तालाबों के पास अधिक से अधिक पेड़ लगाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कार्ड वितरण कम्पों का खण्ड विकास अधिकारियो के माध्यम से नियमित निरीक्षण करने के निर्देश।ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सूचीबध्द अस्पतालों का समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करें। योजना के मूल लक्ष्य ''सही मरीज का सही इलाज'' भी सुनिश्चित करने के निर्देश दियें। उन्होंने स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना, सरस हाट तथा प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना की भी समीक्षा की।ं बैठक में सचिव, ग्राम्य विकास, मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कार्ड वितरण हेतु तिथियों का निर्धारण एवं रूट-चार्ट का निर्माण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने जनपद में बी0पी0एल0 परिवारों की संख्या के सापेक्ष प्रति दिवस कार्ड वितरण का लक्ष्य निधार्रित कर, लक्ष्य के सापेक्ष आवश्यक संख्या में कार्ड वितरण किट की स्थापना सुनिश्चित कराये तथा समयबध्द रूप से कार्ड वितरित करायें। उन्होंने कहा कि कम्पनी द्वारा प्रदत्त किटों की उपलब्धता की सूचना दिये जाने पर उक्त किटों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाये बैठक में आयुक्त, ग्राम्यविकास संजीव कुमार, अपर आयुक्त अभिताभ यादव सहित मण्डलीय एवं जिला स्तरीय समस्त संयुक्त ग्राम्य विकास आयुक्त एवं मुख्य विंकास अधिकारी उपस्थित  थे।

लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न लाने वाले जनपदों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)। पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अवधपाल सिंह यादव ने निर्देश दिये कि सभी अधिकारी अपने जनपदों का मासिक भ्रमण सुनिश्चित करें और प्रदेश में चलाये जा रहे 05 चिन्हित कार्यमों के प्रगति की आख्या शासन को नियमित रूप से प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि जो जांच अधिकारी अपनी जांच आख्या सही ढंग से प्रेषित नहीं कर रहे हैं उनके विरूध्द अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि जांच आख्या स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।

            श्री यादव आज यहां पशुपालन विभाग के सभाकक्ष में विभागीय कार्यकलापों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में चलाये जा रहे 05 चिन्हित कार्यमों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन जनपदों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष नहीं है उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाये। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयन्ती स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत समूहों के गठन के संबंध में कई जनपदों की प्रगति बहुत ही खराब है। इन जनपदों के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाये। बैठक में एकीकृत सूकर पालन योजना, पैरावेट प्रशिक्षण, चारा विकास योजना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन एवं बर्ड फ्लू नियंत्रण कार्यम की प्रगति की समीक्षा की गयी। बैठक में सचिव पशुधन डा0 हरशरण दास, निदेशक पशुपालन, डा0 रूद्र प्रताप संहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

राजस्व लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों को मंत्री की चेतावनी

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)।प्रदेश के स्टाम्प रजिस्ट्रेशन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने महानिरीक्षक (पंजीयन) को निदर्ेंश दिए हैं कि जिन उप निबन्धक कार्यालयों में कार्यालय सहायक प्रभारी सब-रजिस्ट्रार के रूप में कार्य कर रहे हैं, उनके कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि इनके बारे में कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं, ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि इनके कार्यों का गहन मूल्यांकन किया जाय।

श्री कुशवाहा आज यहां योजना भवन में राजस्व वसूली की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने गत दिसम्बर में लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी और कहा कि बैकलाग पूरा करते हुए जनवरी माह में लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करें। माह दिसम्बर के लिए निर्धारित लक्ष्य 580 करोड़ रूपये  के सापेक्ष 575 करोड़ रूपये की वसूली हुई है। लक्ष्य के सापेक्ष सबसे कम वसूली करने वाले जनपदों में श्रावस्ती, सोनभद्र, हमीरपुर, मैनपुरी, अम्बेडकर नगर, मिर्जापुर, फतेहपुर, गोण्डा तथा कन्नौज प्रमुख हैं।

श्री कुशवाहा ने बडी रजिस्ट्रियों के स्थलीय निरीक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि ऐसी रजिस्ट्रियों के निरीक्षण किए जाने के दूरगामी परिणाम होते हैं और रजिस्ट्री कराने वाले स्टाम्प शुल्क की चोरी करने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण करते रहें। उन्होंने प्रमुख सचिव को निदर्ेंश दिए कि वे फतेहपुर, कानपुर नगर और जालौन के जिलाधिकारियों से पता करें कि उन्होंने किन कारणों से गत माह में स्थलीय निरीक्षण नहीं किए। बैठक में प्रमुख सचिव, स्टाम्प रजिस्ट्रेशन, श्री नेतराम, महानिरीक्षक पंजीयन, श्री हिमांशु कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

       

योजनाओं में अनुसूचित जाति जनजाति के उद्यमियों को उचित प्रतिनिधित्व दें।

लखनऊ, 10 जनवरी। (उप्रससे)प्रदेश के लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री चन्द्रदेव राम यादव ने निदर्ेंश दिये हैं कि विभागीय योजनाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के उद्यमियों को उचित प्रतिनिधित्व देकर लाभान्वित किया जाय। उन्होंने विभागीय कार्य कलापों में तेजी लाने और सौंपे गये लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निदर्ेंश भी दिये।

श्री यादव आज यहां पिकअप भवन में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों, विशेषकर मण्डलीय संयुक्त निदेशेकों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र का कम से कम पक्ष में एक बार जा कर स्वयं निरीक्षण करें और कठिनाईयों आदि का निराकरण करायें। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यम, विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग तकनीकी उन्नयन योजना, विशिष्ठ शिल्पकारों के लिए पेंशन योजना, क्लस्टर योजनान्तर्गत उत्तर प्रदेश के क्लस्टर की उद्यतन स्थिति और त्वरित निर्यात विकास प्रोत्साहन योजना आदि की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गयी।

 

 कांशीराम आवास योजना के लिए नहीं मिल रहे गरीब

शाहजहांपुर, 18 दिसम्बर। (उप्रससे)। । जिले में गरीबों की संख्या लगभग दो लाख है बावजूद इसके प्रशासन को कांशीराम आवास के लिए पात्र ढूंढे नहीं पा रहे है। योजना के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन अभी तक पहले चरण में बने आवासों के शत प्रतिशत आवंटन का काम पूरा नहीं हो पाया है। इसका कारण बड़ी संख्या में अपात्रों को आवास आवंटित करना है।

कांशीराम शहरी आवास योजना के तीसरे चरण के लिए गरीबों को चिन्हित करने का काम शुरू हो चुका है। हालांकि पहले चरण में बने 1500 आवासों के आवंटन का काम अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। कहने को तो प्रशासन ने कई चरणों में सर्वे कर गरीबों को चिन्हित करने का काम शुरू किया था। बड़ी संख्या में आवेदन भी प्राप्त हुए थे। इनमें से 1500 को आवास भी दे दिए गए। लेकिन जब आवंटन प्रक्रिया पर उंगली उठना शुरू हुई तो प्रशासन भी सख्ती के मूड में आ गया। जिलाधिकारी अजय चौहान ने फरमान जारी कर गलत तरीके से आवंटन कराने वालों के विरूद्ध एफआईआर के आदेश दे दिए। शायद यही कारण था कि दो सौ से अधिक आवासों का अभी भी पट्टा नहीं कराया जा सका है। अपर जिला अधिकारी प्रशासन अरविंद कुमार सिंह के आदेश पर करायी गई रेंडम चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में आवास बंद मिले थे। दूसरे चरण के आवासों के निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है जबकि तीसरे चरण के लिए गरीबों की तलाश की जा रही है। लेकिन जब पहले चरण में यह हाल तो अन्य चरणों का हश्र क्या होगा बेहतर समझा जा सकता है।

इस सम्बन्ध में अपर जिला अधिकारी अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि पहले चरण में बंद आवासों को नोटिस जारी किए गए थे। एक कमेटी का गठन किया गया है। तीन दिन के भीतर आवासों के पट्टा विलेख की कार्रवाई पूर्ण कर ली जाएगी। हम पात्रों को ही आवास देने का प्रयास कर रहे हैं। अगर किसी ने गलत साक्ष्य प्रस्तुत किए होंगे तो उसके विरूद्ध भी कार्रवाई तय है।

आंगनबाडी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को समूह बीमा योजना का लाभ

लखनऊ, 14 दिसम्बर। (उप्रससे)। प्रदेश में आंगनबाडी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के गंभीर बीमारी के इलाज तथा उनके जीवन की सुरक्षा हेतु भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा समूह बीमा योजना लागू की गयी है। समूह बीमा योजना के प्रीमियम की किश्त का भुगतान भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाता है।इस आशय की जानकारी देवेन्द्र नाथ वर्मा, निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने देते हुये बताया है कि इस योजना के अंतर्गत 18 से 59 वर्ष के बीच की सभी आंगनबाडी कार्यकत्रियाँ एवं सहायिकाएं इस योजना से आच्छादित होंगी। उन्होंने बताया कि बीमित सदस्यों की प्राकृतिक मृत्यु होने पर 30,000 रूपये, दुर्घटना के कारण मृत्यु या पूर्ण स्थायी अपंगता होने पर 75,000 रूपये, दुर्घटना के कारण आंशिक स्थायी अपंगता होने पर 37,500 रूपये तथा महिलाओं को गम्भीर बीमारी होने पर 20,000 रूपये की धनराशि  प्राप्त होगी। श्री वर्मा ने बताया कि छाती, सेरविक्स यूटेरी, कार्पस यूटेरी, अंडाशय, फालोपियन टयूब एवं योनिबूल्वा में कैंसर प्राणघातक टयूमर के लक्षण होने पर जीवन बीमा निगम द्वारा 20,000 रूपये की धनराशि महिलाओं को मिलेगी। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के प्रीमियम 80 रूपये को 01.04.2007 से 31.03.2009 तक दो वर्षों की अवधि के लिये माफ कर दिया गया हैनिदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार, उ0प्र0 ने बताया है कि पूरे देश में 15,26,970 आंगनबाडी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को 01.04.2007 से इस योजना के अंतर्गत सुरक्षा प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रीमियम के रूप में भारत सरकार का अंशदान 100 रूपये, आंगनबाडी कायकत्रीसहायिकाओं का अंशदान 80 रूपये तथा सामाजिक सुरक्षा निधि द्वारा 100 रूपये का भुगतान किया जायेगाA

मनरेगा में बदलाव का प्रदेश सरकार को अधिकार नहीं: भाजपा

लखनऊ 07 नवम्बर। (उप्रससे)। भारतीय जनता पार्टी ने बसपा सरकार पर केन्द्रीय रोजगार योजनाओं में भी बिचौलियों से डील करने और ग्राम प्रधानों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता सदस्य विधान परिषद हृदयनारायण दीक्षित ने आज रविवार को सम्वाददाताओं से कहा कि मनरेगा जैसी ग्राम रोजगार योजना से भी मुनाफा कमाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी चहेती निजी संस्थाओं को ठेका देने का शासनादेश जारी किया है और इस योजना से प्रधानों का अधिकार छीन लिया है। मनरेगा का कामकाज संसद द्वारा पारित कानून से संचालित होता है। राज्य सरकार ने मुनाफा कमाने के लिए केन्द्रीय कानून का भी अतिमण किया है।

            भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बसपा समर्थित ग्राम प्रधानों के हार जाने के कारण सरकार ने प्रधानों से मनरेगा संचालन का अधिकार छीन लिया है और अपने चहेते गैर सरकारी संगठनों के जरिए धन का बंदरबाट करने की तैयारी है। भाजपा इसका विरोध करेगी। श्री दीक्षित ने कहा कि केन्द्रीय कानूनों को प्रवर्तित करना राज्य सरकार कार् कत्ताव्य है। राज्यपाल को देखना चाहिए कि केन्द्रीय कानून को न मानकर ग्रामीण रोजगार योजना में भी ठेकेदारी चलाने के लिए स्थापित विधि के विरूध्द शासनादेश की संवैधानिकता क्या है ? राज्य के ग्राम विकास विभाग द्वारा गैरसरकारी संगठनों को नोडल एजेन्सी का दर्जा दिया जाना मनरेगा प्राविधान के सर्वथा विरूध्द है। ग्राम पंचायतें विधि निर्वाचित संवैधानिक संस्था होती हैं। गैर सरकारी संगठन निर्वाचित नहीं होते। अधिकारियों, प्रधानों के विरूध्द कार्रवाई होती है। गैर सरकारी संगठनों पर कार्रवाई की प्रयिा जटिल है। सरकार ने केन्द्रीय रोजगार योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढाया है।

तहसील दिवस पर नहीं आये अधिकारी व फरियादी

शाहजहांपुर, 03 नवम्बर। (उप्रससे)।  जनपद की तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस पर अन्य दिनों की अपेक्षा फरियादी व अधिकारियों की उपस्थिति कम रही।

सदर तहसील में एसडीएम रामप्रकाश, तहसीलदार राकेश गुप्ता ने जनसमस्याओं का निस्तारण किया। जलालाबाद तहसील दिवस में सीडीओ मुरली मनोहर लाल ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण को अधीनस्थों को निर्देश भी दिये। इस दौरान तहसीलदार मधुसूदन लाल आर्य, सीडीपीओ निर्मला कुमारी, अधिशासी अधिकारी वीके गुप्ता, रेंजर जमील अहमद आदि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।तहसील तिलहर में लम्बे अन्तराल के बाद आयोजित तहसील दिवस में मात्र पांच शिकायतें दर्ज हुई। तहसील दिवस की अध्यक्षता तहसीलदार राजमणि मिश्रा ने की।

तहसील दिवस में विकास व बाल विकास विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित रहे। तहसील दिवस में सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, नजमुल इरफान, योगेशपाल, इन्द्रप्रताप सिंह, सुदर्शन लाल, जिला उद्योग केन्द्र से प्रकाश चन्द्र व समाज कल्याण विभाग से महेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे। तहसील पुवायां में तहसील दिवस में अधिकारी व फरियादी नदारद रह। तहसील में इस दौरान सिर्फ तीन शिकायतें ही दर्ज हुई, यह तीनो शिकायते पुलिस विभाग की आयीं। एसडीएम डीपी श्रीवास्तव अवकाश पर थे जबकि तहसीलदार वीके छत्रपति आये और हस्ताक्षर जिला मुख्यालय पर करके चले गये। नायब तहसीलदार राजेश प्रसाद व खंड विकास अधिकारी लल्लूराम ही तहसील दिवस में मौजूद रहे। इस दौरान बंडा, खुटार व सिंधौली के बीडीओ, आरआई राम औतार गुप्ता, रघुराज सिंह, सीओ पुवायां, थानाध्यक्ष बंडा, खुटार व सिंधौली, जीएम चीनी मिल, एडीसीओ सहकारिता, एबीएसए, पशु चिकित्सक, सब रजिस्ट्रार, मत्स्य निरीक्षक, चकबंदी अधिकारी, उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक आदि अधिकारी अनुपस्थित थे।

 

तहसीलदारों ने किया 442 चेकाें का वितरण, बाढ़ राहत चेक वितरण में धांधली का लगा आरोप

शाहजहांपुर। बाढ़ पीड़ित राहत चेक वितरण में किसानों ने लगाया धांधली किए जाने का आरोप। नायब तहसीलदार ने राहत के नाम पर बांटे जा रहे चेकों में फर्जी चेक पकड़े। लेखाकार की लताड़ लगाई।

जनपद की तहसील जलालाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण इन दिनों तहसील के चक्कर काट रहे हैं जिनको चेक मिले वह तहसील रोड स्थित बैंक में लाइनें लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। राजस्व कर्मियों पर उगाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लेखपाल एक ही परिवार के सभी सदस्यों के नाम से चेक बनवा रहे हैं। कुछ नाबालिगों के नाम के चेक अन्य लोग लेकर बंदरबांट करने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला नायब तहसीलदार ब्रह्मानंद वर्मा ने पकड़ा। ग्राम कसारी के तीन लोगों के नाम पुकारे जाने पर छोटे-छोटे बच्चे चेक लेने आए जिस पर श्री वर्मा ने उनके चेक कैंसिल करते हुए लेखपाल को जमकर लताड़ा। बाढ़ पीड़ित रामऔतार, श्रीराम, कुंवर पाल, सत्येन्द्र, बलराम, रामप्यारे आदि ने बताया कि लेखपाल पैसे लेकर चार-चार हजार के चेक एक ही परिवार के कई-कई लोगों को जारी कर रहे हैं। इन बाढ़ पीड़ित सैकड़ों लोगों ने पात्र व्यक्तियों को राहत चेक दिलाए जाने एवं धांधली व फर्जीबाड़े के तहत बांटे जा रहे चेकों की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।

तहसीलदार मधुसूदन लाल आर्य के अनुसार राजस्व कर्मियों द्वारा की जा रही गड़बड़ी की सूचनाएं तो मिल रही हैं। अगर गड़बड़ी पकड़ी गई तो निश्चित ही सम्बन्धितों पर कार्रवाई होगी। 

इस दौरान सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों को दो से चार हजार तक की धनराशि के चेक वितरित किए गए। नायब तहसीलदार ब्रह्मानंद वर्मा ने ग्राम बानगांव के 47, राजेरायपुर के 35, कुदौली के 76, धर्मपुर पिंडरिया के 182, पिपरिया नंगला के 102, कांकर कठा के 60 बाढ़ पीड़ितों को 11 लाख 15 सौ रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए। चेक वितरण के दौरान आरके राजेन्द्र सक्सेना, एआरके आनंद भूषण सिंह, हेमराज, पूरन लाल प्रधान के अलावा कई राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।

 

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन

शाहजहांपुर, 03 नवम्बर। (उप्रससे)।  आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बाल विकास परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए डीपीओ के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पुष्टाहार दिलाए जाने, पांच माह के मानदेय का भुगतान कराने, हॉट कुक्ड व पुष्टाहार का कांटैक्ट रेट बताने की मांगे शामिल हैं। डीपीओ पर तानाशाही रवैया अपनाने, मानदेय काटने तथा 20 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सेवाएं बिना कारण समाप्त करने का आरोप लगाते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पदमा रस्तोगी, रीता तिवारी, सवित्री देवी, मालती, संध्या शर्मा, रामबेटी, शशीबाला, अनीता आदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद थी ।

 

उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करें किसान: वैज्ञानिक

शाहजहांपुर, 01 नवम्बर। (उप्रससे)। वैज्ञानिक विधि से प्रमाणित बीजों के बगैर किसान खेती के नए-नए आयाम स्थापित नहीं कर सकता इसके लिए कृषक भाइयों को समय से बुवाई, प्रमाणित बीजों का उपयोग, मृदा परीक्षण के उपरांत सन्तुलित उर्वरकों का प्रयोग, उचित भण्डारण आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करना चाहिए।

उक्त विचार उप कृषि निदेशक जी0राम ने उ0प्र0 गन्ना किसान प्रशिक्षण संस्थान में राष्ट्रीय युवा विकास शोध संस्थान के सहयोग एवं उपकृषि निदेशक के निर्देशन में आयोजित दो गुनी आय हेतु प्रसार-कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्बोधन देते हुए कहे। उन्होंने सलाह दी कि कृषक कृषि विभाग की कार्यशाला, संगोष्ठी, प्रदर्शन मेला में वैज्ञानिकों की सलाह लेकर अपनी खेती करे एवं लाभ लें। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश है और यह कृषि पर ही निर्भर है। भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गांवों में निवास करता है इसलिए कृषकों को आर्थिक प्रगति बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक विधि से खेती को प्राथमिकता देना चाहिए। कृषक का आर्थिक पक्ष मजबूत होने से अन्य विकास आसानी से हो सकेगें। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रो. एवी सिंह ने कहा कि कृषक परम्परागत खेती के साथ-साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, रेशमकीट, मत्स्य पालन, मसरूम उत्पादन को सहयोगी बनाकर अपनी आय को दो गुनी बढ़ा सकते है। गन्ना किसान प्रशिक्षण संस्थान के सह निदेशक डा.पीके कपिल ने कहा कि अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों का चयन करके वैज्ञानिक तकनीकी अपना कर समय से खाद, उर्वरक प्रयोग करके कृषक अपने उत्पादन में दो गुनी वृद्धि कर सकते है।दुग्ध संघ रौसर कोठी के महाप्रबंधक दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाई जाने तथा समय-समय से टीकाकरण एवं संतुलित पशु आहार देकर, दुग्ध में वृद्धि करके कृषक अपनी आय बढ़ा सकेंगे।वैज्ञानिक डा.टीवी यादव कृषि विज्ञान केंद्र ने आय बढाने में तीन सूत्र का उपयोग करे अधिक उत्पादक पशु पालन, पशु पोषण चारा कम लागत में तैयार करना तथा संतुलित आहार का पालन करना चाहिए। गन्ना विभाग के गजेंद्र सिंह कटियार ने गन्ने की अच्छी उत्पादन तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगानंद मिश्रा ने समय से टीकाकरण , पशु प्रजनन, गुणवत्तायुक्त आहार पर चर्चा की। गन्ना घटक, उद्यान घटक, मत्स्य घटक, दुग्ध घटक, पशुपालन घटकों का संयुक्त रूप से आय वृद्धि कार्यक्रम हुआ। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत अशोक कुमार तथा धन्यवाद ओमवीर सिंह तथा संचालन राष्ट्रीय युवा विकास शोध संस्थान के सचिव बृजेश सक्सेना ने किया।

 

उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना

जिलाधिकारी ने लाभार्थियों को प्रदान किए स्वीकृति पत्र व बैंक पास बुक

शाहजहांपुर, 01 नवम्बर। (उप्रससे)। शासन की महत्वाकांक्षी योजना उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना का शुभारम्भ जिलाधिकारी अजय चौहान द्वारा गांधी भवन प्रेक्षागृह में किया गया। इस दौरान 100 लाभार्थियों को जिलाधिकारी ने स्वीकृति पत्र तथा बैंक पास बुक  प्रदान की। अन्य 283 लाभार्थियों के खातों में भी 6 माह के हिसाब से 18 सौ रूपए की धनराशि स्थानान्तरित कर दी गई। शेष 34586 चयनित लाभार्थियों के खातों में भी शीघ्र धनराशि स्थानान्तरित किये जाने के निर्देश दिये गये।

उ0प्र0 सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना का शुभारम्भ उन गरीब परिवारों की आर्थिक स्थित को सुधारने के उद्देश्य से किया गया। इस योजना का त्वरित लाभ लाभार्थियों को मिल सके। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष कार्ययोजना बनाकर जनपदों को उपलब्ध कराई गई। जिसके अन्तर्गत अनाच्छादित बीपीएल परिवारों के सर्वेक्षण का कार्य 1 अप्रैल से 15 मई 2010 तक चिन्हांकित सूचियां तैयार करना 16 मई से 31 मई तक चिन्हांकित लाभार्थियों की सूचियों का प्रकाशन व आपत्तियों का आमंत्रण 1 जून से 30 जून तक, खुली बैठकों के  माध्यम से अंतिम रूप से लाभार्थी चयन 1 जुलाई से 31 अगस्तक  तक, सूचियों का जिलाधिकारी स्तर पर अंतिमीकरण एवं कम्प्यूटराइजेशन खाता खुलवाना तथा योजना का विधिवत शुभारम्भ 1 नवम्बर 2010 को होना निश्चित था। जिसके तहत जिलाधिकारी अजय चौहान ने गांधी भवन के प्रेक्षागृह में योजना काशुभारम्भ किया। कार्यक्रम में 100 लाभार्थियों को बैंक पास बुक सहित स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। 34869 चयनित लाभार्थियों के भी शीघ्र ही लाभान्वित किये जाने के निर्देश जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों के दिये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुरली मनोहर लाल, उपनिदेशक समाज कल्याण बरेली मण्डल बरेली हरश्चिंद्र राय, उपजिलाधिकारी सदर रामप्रकाश, उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी भगवान, अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण मुश्ताक अहमद सहित तमाम अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

किसानों ने फूंका मंडी सचिव का पुतला, तीन घंटे बंद रखा मंडी गेट

शाहजहांपुर, 26 अक्टूबर। (उप्रससे)।  थाना बंडा क्षेत्र में धान खरीद की समस्या को लेकर भाकियू का होने वाला उग्र आंदोलन मंडी गेट पर चल रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा।

देहात क्षेत्र से सैकड़ों की तादात में आए किसानों ने मंडी गेट पर मंडी सचिव, शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए?प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मंडी सचिव का पुतला जलाया गया और गेट पर तीन घंटे तक तालाबंदी कर तौल बंद करा दी। जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने किसानों को बताया कि अधिकारियों के चुनाव में व्यस्त होने की बात बताते संयम बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि 26 अक्तूबर के बाद अधिकारी धरना स्थल पर आकर उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं करते है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इससे पूर्व जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह, मंदीप सिंह, वीर सिंह, माधुरी देवी, देवेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, लखविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, जरनैल सिंह, सावी सिंह, बिल्ला सिंह, जितेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे। संचालन तहसील अध्यक्ष अनिल यादव ने किया।

एक अक्टूबर से धान नहीं खरीदेंगे मिलर्स

शाहजहांपुर, 20 सितम्बर। (उप्रससे)। राइस मिलर्स एसोसिएशन के बरेली मंडल की बैठक हुई। जिसमें राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गयी साथ ही एसोसिएशन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें डिपो द्वारा चावल प्राप्त करने के बाद मिलर्स का कोई उत्तरदायित्व न रहे। अन्य रायों की तरह यूपी में भी भुगतान हो। लेवी चावल बोरों की सप्लाई एफसीआई करे और उसका भुगतान मिलर्स से ले। सेला चावल पर लेबी ली जाए या लेबी मुक्त करें। डैमेज प्रतिशत पंजाब के अनुरूप तय हो। भंडारण क्षमता में वृध्दि की जाए तथा मिलर्स को वास्तविक भाड़े का भुगतान हो। रिलीज अंश के चावल के स्थान पर धान रखे जाने की अनुमति दी जाए। डिप्टी आरएमओ द्वारा बिलों पर काउंटर साइन करने की वर्तमान व्यवस्था समाप्त किये जाने की मांगे रखी गयी।

नगर के एक क्लब में हुई बैठक में शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत व बदायूं जिले के मिलर्स को संबोधित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार को सौंपे गए 14 सूत्री मांगपत्र का समाधान हर हालत में होना चाहिए। मिलर्स के सम्मान की हर हाल में रक्षा होगी। डैमेज, टूट, डिस्कलर व भंडारण की सबसे बड़ी समस्या है। जब भंडारण क्षमता ही नहीं होगी तो उत्पादित चावल कहां जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलर्स को भुगतान का पूरा दायित्व एफसीआई का होना चाहिए। समस्याओं को लेकर पूरे प्रदेश का मिलर्स एकजुट है और एक अक्टूबर से होने वाली हड़ताल कामयाब होगी। यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने कहा कि एसोसिएशन ने अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सरकार को दे दिया है। इसमें सरकार को चेता दिया गया है कि यदि इनका समाधान न हुआ तो एक अक्टूबर से धान की खरीद नहीं की जाएगी।

एसोसिएशन के संरक्षक व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैलाश नारायण अग्रवाल ने कहा कि मिल मालिकों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। सरकार की नीतियों के चलते यह उद्यमी इस ओर से मुंह मोड़ रहे हैं। श्री अग्रवाल ने मिलर्स को भी क्वालिटी में और सुधार की नसीहत दी। रामचंद्र सिंघल ने कहा कि मिलर्स का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। रघुवंश कुमार, सुरेश सिंघल, प्रदेश महामंत्री अजमेर सिंह ने भी बैठक को सम्बोधित किया। अध्यक्ष रमाकांत मोदी ने बैठक में उपस्थित समस्त राइस मिलर्स का आभार व्यक्त किया। सचिव अनिल गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करने के बाद स्थानीय एसोसिएशन की ओर से ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा।

बैठक में नंद किशोर मोदी, सुनील मूर्ति अंचल, हितेश अग्रवाल, श्रीकृष्ण अग्रवाल, राधे मोहन मोदी, अशोक अग्रवाल (मोती ट्रांसपोर्ट), दीपक मेहरोत्रा, दीपक बंसल, पवन कुमार, सुनील अग्रवाल, नवनीत गुप्ता, राकेश अग्रवाल, सजन गोयल आदि मिलर्स मौजूद थे। बैठक का संचालन सचिव अनिल गुप्ता ने किया।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि सरकार को मांग पत्र देने के बाद से ही वार्ता का दौर शुरू हो जाएगा। मांगों के समर्थन में पूरे प्रदेश का मिलर्स एकजुट है और एक अक्टूबर से सूबे में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

ऋण सीमा 5 से बढाकर 10 लाख रूपये, आरक्षित वर्ग को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध

लखनऊ, 15 सितम्बर। (उप्रससे)। गांवों में अधिक से अधिक रोजगार सृजन हो सके। इसके लिए उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड प्रदेश में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। खादी एक ऐसी योजना है, जिसमें कम पूंजी निवेश करने पर भी अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

                प्रदेश की खादी एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ओमवती ने यह बात आज यहॉ अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा अब मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत अधिकतम ऋण सीमा 5 लाख रूपये से बढाकर 10 लाख रूपये कर दी गयी है तथा इसमें आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराने का प्राविधान किया गया है।

                बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5500 इकाइयों की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1225 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है तथा 44000 व्यक्तियों को लाभान्वित कराने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 13204 व्यक्तियों को रोजगार  उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यम योजना के अन्तर्गत 2496 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है,  जिसके  लिए 34.84 करोड़ रूपये की मार्जिन मनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।          समीक्षा बैठक में बोर्ड के  समूह ख, ग तथा घ के रिक्त पदों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुए  कहा गया कि कुल 523 पद रिक्त है, जिसकी शासन स्तर पर परीक्षणोंपरान्त अग्रेत्तर कार्यवाही कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यम, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कौशल सुधार कार्यम के अन्तर्गत अब तक 1930 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।खादी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि लम्बित प्रकरणों को यथाशीघ्र निस्तारित किया जाय।बैठक में प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग अशोक कुमार तथा अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

 

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