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लखनऊ, 23 सितम्बर। (उप्रससे)।
आगामी रबी की फसल की बुवाई से पूर्व अपनी
मिट्टी पहचाने अभियान मृदा परीक्षण के लिए
26 सितम्बर 2011 से तीन चरणों में चलाया
जायेगा। यह अभियान विन्ध्याचल, झांसी एवं
चित्रकूट मण्डलों में मश: 26 सितम्बर, 30
सितम्बर एवं 12 अक्टूबर 2011 को चलाया
जायेगा। रबी के मृदा परीक्षण अभियान में
कुल 14.07 लाख मृदाओं के नमूने एकत्रित
करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि निदेशक डॉ0 मुकेश गौतम से प्राप्त
जानकारी के अनुसार अपनी मिट्टी पहचाने
अभियान शेष अन्य मण्डलों में भी तीन चरणों
में 12 अक्टूबर, 3 नवम्बर एवं 11 नवम्बर
तक चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि मृदा
परीक्षण अभियान पोलियो अभियान की तरह
व्यापक रूप से चलाया जायेगा। कृषि निदेशक
ने बताया कि अपनी मिट्टी पहचाने अभियान को
शत प्रतिशत पूरा करने के लिए सभी
मण्डलोंजनपदों के अधिकारी, कृषि
विश्वविद्यालयों, प्राईवेट सेक्टर की
संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, जन प्रतिनिधियों,
कृषि वैज्ञानिकों, कृषकों, कृषि विभाग के
अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पूरे
जोश से चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि
मृदा परीक्षण की संस्तुतियाँ मृदा कार्ड
के माध्यम से किसानों को शीघ्र उपलब्ध
कराने का प्रबन्ध किया जा रहा है।
'आदर्श नगर योजना' के तहत अनुदान की
द्वितीय किश्त स्वीकृत
लखनऊ, 23 सितम्बर। (उप्रससे)।
प्रदेश के छोटे एवं मध्यम नगर, जिनकी
जनसंख्या एक लाख से कम है, की अवस्थापना
सुविधाओं यथा पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज,
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्लाटर हाउस, सडक,
मार्ग प्रकाश, सार्वजनिक सुविधाओं का सृजन
कर नागरिकों को गुणवत्ता पूर्ण सुविधाओं
को प्रदान करने तथा नगरोंकस्बों के समेकित
एवं नियोजित विकास को प्रोत्साहन देने के
उद्देश्य से प्रदेश में ''आदर्श नगर योजना''
लागू की गयी है।
यह जानकारी विशेष सचिव, नगर विकास सूर्य
प्रकाश मिश्रा ने आज यहॉ दी। उन्होंने
निर्देश दिये कि चालू वित्तीय वर्ष
2011-12 में ''उ0प्र0 व्यापार विकास निधि''
से व्यय हेतु ''आदर्श नगर योजना'' में
प्राविधानित धनराशि में से पालिका परिषद
पलिया कला जनपद लखीमपुर खीरी तथा नगर
पालिका परिषद मवाना जनपद मेरठ को उनके
द्वारा योजनान्तर्गत सक्षम स्तर से
अनुमोदनोपरांत उपलब्ध कराये गये डी0पी0आर0
के सापेक्ष द्वितीय किश्त स्वीकृत की गयी
है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जारी
की गयी धनराशि कार्यालय ज्ञापन दिनांक 24
जनवरी, 2008 में आदर्श नगर योजना के संबंध
में दिशा-निर्देशों के अधीन स्वीकृत की जा
रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित निकाय
से समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कराकर अधिकतम्
07 दिन के भीतर स्वीकृत धनराशि को निकाय
को अवमुक्त किया जाना सुनिश्चित किया
जायेगा, यथास्थिति से शासन को तत्काल अवगत
कराया जाये।
श्री मिश्र ने बताया कि राज्य स्तरीय नोडल
एजेंसी निकायों को धनराशि का आवंटन किये
जाने से पूर्व निकायों से परियोजना लागत
के सापेक्ष उनके अंश की 10 प्रतिशत की
धनराशि एक सप्ताह के अन्दर जमा कराकर
संबंधित निकायों को 7 दिन के अंदर धनराशि
अवमुक्त किया जाना सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने बताया कि संबंधित निकाय उक्त
धनराशि को आदर्श नगर योजना के संचालन हेतु
खोले गये राष्ट्रीयकृत बैंक खाते में जमा
किया जायेगा। उन्हाेंने बताया कि
निदेशालयस्थानीय निकाय द्वारा
योजनान्तर्गत प्रस्तावित समयबध्द एवं
चरणबध्द सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू
किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
श्री मिश्रा ने यह भी निर्देशित किया कि
स्वीकृत धनराशि की वित्तीय एवं भौतिक
प्रगति तथा प्रस्तावित सुधारों की मासिक
समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा अपने स्तर पर
करते हुये प्रगति विवरण प्रत्येक माह
निदेशक, स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराये
जायेंगे। इसके साथ ही निदेशक, स्थानीय
निकाय द्वारा संकलित सूचनाप्रगति विवरण
माह के प्रथम सप्ताह में शासन को उपलब्ध
कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
प्रस्तावित प्रायोजना की विस्तृत
ड्राइंगडिजाइन एवं तकनीकी स्वीकृति सक्षम
स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत
ही प्रस्तावित निर्माण कार्य प्रारम्भ
कराया जाना अनिवार्य होगा। प्रस्तावित
कार्य की वर्तमान तथा भविष्य में अन्य
योजनाओं में पुनरावृत्ति न हो। स्वीकृत
कार्यों को शासन द्वारा अनुमोदित लागत पर
ही पूर्ण कराया जायेगा। शासन द्वारा
स्वीकृत लागत के सापेक्ष यदि कम धनराशि
अवमुक्त की गयी है, तो उक्त कार्य को
योजनान्तर्गत स्वीकृत अन्य कार्यों की
बचतोंनिकाय द्वारा स्वयं के स्त्रोतों से
पूर्ण कराया जायेगा। आंकलित आगणनों में
उल्लिखित मात्राओं को सुनिश्चित किये जाने
का पूर्ण दायित्व संबंधित कार्यदायी
संस्थास्थानीय निकायजिलाधिकारी का होगा।
अतएव विभिन्न स्तर पर उत्तरदायित्व
निर्धारित करते हुए कार्यों को समयबध्द
रूप से पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराया जाना
सुनिश्चित किया जाये।
श्री मिश्र ने बताया कि स्वीकृत कार्यों
में से जिन कार्यों का निष्पादन एवं रख
रखाव स्थानीय निकाय द्वारा किया जाता है,
के लिये संबंधित निकाय कार्यदायी संस्था
होगी। अन्य कार्यों हेतु यथा
आवश्यकतानुसार कार्यदायी संस्था का चयन
जिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा। स्वीकृत
किये जा रहे कार्यों के कार्य स्थल पर
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा नियम ''डिस्पले
बोर्ड'' पर योजना का पूर्ण विवरण एवं
कार्य प्रारम्भ होने तथा कार्य पूर्ण होने
की सम्भावित तिथि का उल्लेख किया जायेगा।
स्वीकृत धनराशि आवश्यकतानुसार आहरित कर
अनुमोदित कार्य पर ही व्यय की जायेगी तथा
स्वीकृत धनराशि डाकघरपी0एल0ए0 में नहीं रखी
जायेगी। धनराशि का व्यवर्तन किसी भी दशा
में सूची में अंकित कार्यों से अन्य किसी
कार्य में नहीं किया जायेगा। स्वीकृत
कार्य यदि किसी अन्य योजना में सम्मिलित
है, तो प्रश्नगत धनराशि आहरण करने से
पूर्व समस्त अभिलेखों सहित तत्काल शासन को
समर्पित कर दी जायगीे।
उन्होंने बताया कि वित्तीय मामलों से
संबंधित विशिष्ट शर्तों का अनुपालन वित्त
नियंत्रकमुख्यवरिष्ठ सहायक
लेखाधिकारीजिलाधिकारी जैसी भी स्थिति हो,
सुनिश्चित करेंगे। यदि निर्धारित शर्तों
में किसी प्रकार का विचलन हो तो संबंधित
वित्त नियंत्रक इत्यादि का दायित्व होगा
कि उनके द्वारा मामले की सूचना पूर्ण
विवरण सहित तुरन्त प्रशासकीय विभाग तथा
वित्त विभाग को दी जायेगी। विशेष सचिव ने
बताया कि स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता
प्रमाण पत्र कार्यालय महालेखाकार, उ0प्र0
इलाहाबाद एवं निदेशक, स्थानीय निकाय को
दिनांक 31 मार्च, 2012 तक संबंधित निकाय
द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।
राष्ट्रीय कथक समारोह 26 से
लखनऊ, 23 सितम्बर। (उप्रससे)।
राष्ट्रीय कथक संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान
में राष्ट्रीय कथक समारोह 'विरासत' का
आयोजन रवीन्द्रालय प्रेक्षागृह, चारबाग
में आगामी 26 से 28 सितम्बर तक प्रतिदिन
सायं 7:00 बजे किया गया है।यह सूचना
संस्कृति विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती
अनुराधा गोयल ने एक सरकारी विज्ञप्ति में
दी है।
वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से
हमीरपुर के 28 मामले निस्तारित
लखनऊ, 23 सितम्बर। (उप्रससे)।
प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह
पंकज ने आज यहॉ योजना भवन में वीडियो
कान्फ्रेन्सिंग के द्वारा जनपद हमीरपुर के
जन सूचना के 29 मामलों में वादी तथा जन
सूचनाधिकारियों को सुनकर 28 मामलों का
निस्तारण कर दिया। हमीरपुर के सूचना
विज्ञान केन्द्र में बारी-बारी से वादी और
सूचनाधिकारी उपस्थित हुये। यह जानकारी
आयोग के सचिव श्री योगेन्द्र सिंह ने दी। |