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Kushinagar,
10 November 2011 (UPSS) कुशीनगर, 10
नवम्बर। (उप्रससे)। उत्तर प्रदेश के
कुशीनगर में कार्तिक पुर्णिमा के अवसर पर
स्नान करने जला रहे तीन श्रध्दालुओं की एक
सडक दुर्घटना में मौत हो गयी है।
कुशीनगर नगर जनपद में यह हादशा उस समय हुआ
जब बुधवार की देर रात 10 बजें के करीब
पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित हीरो
होंडा एजेंसी के निकट एक कमांडर जीप को
पीछे से आ रही ट्रक ने ठोकर मार दी जिससे
जीप अनियंत्रित होकर एक दुकान में जा घुसी।
इस हादसे में जीप में सवार तीन लोगों की
मौत हो गई। जबकि पांच लोग बुरी तरह जख्मी
हो गये। घायलों को इलाज के लिए संयुक्त
जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
ज्ञातव्य हो कि जीप रामकोला के उरदहा से
बांसी मेला स्नान के लिए श्रध्दालुओं को
ले जा रही थी। जीप में नौ श्रध्दालु सवार
थे। इस हादसे में जीप में सवार सभी नौ लोग
जख्मी हो गए जबकि दुकान में स्थिति एक लडके
को भी मामूली चोट आयी। हादसे के बाद ट्रक
ड्राइबर मौके से फरार हो गया। इस घटना में
गंभीर रूप से घायल सात लोगों को जिला
अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां तीन
श्रध्दालुओं की मौत हो गई। जबकि चार
श्रध्दालुओं का इलाज चल रहा है। पडरौना
कोतवाल काजी मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए
भेज दिया गया।
कुशीनगर में एक हत्यारे को मिली आजीवन
करावास की सजा
कुशीनगर, 10 नवम्बर। (उप्रससे)। उत्तर
प्रदेश के कुशीनगर में दस वर्ष पूर्व पैसे
की लालच में अपने ही गांव के एक युवक की
हत्या के मामले में अपर जिला जज तृतीय की
अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा
सुनाई है। सजा में अदालत ने अभियुक्त को
50 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा भी दी
हैं।
जानकारी के अनुसार कुशीनगर के हाटा कोतवाली
क्षेत्र के करमहां निवासी जवाहर यादव ने
30 अक्टूबर 2001 को थाने में सूचना दिया
था कि उसका लडका चन्द्रिका अपने गांव के
नूर सलाम पुत्र इब्राहीम के साथ मुम्बई से
कमा आया। जिसे नूर सलाम के अनुसार रास्ते
में काली मंदिर के समीप अज्ञात बदमाशों ने
हत्या कर सारा सामान लूट लिया है। इस सूचना
पर जब गांव के लोग वहां गये तो कुछ भी नहीं
मिला। शक होने पर मृतक के पिता ने नूर
सलाम को आरोपित किया। इसके खिलाफ पुलिस ने
अ.सं. 4542001 आईपीसी की धारा 302 के तहत
मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। गिरफ्तारी
के बाद निशानदेही पर धान के खेत से मृतक
का शव भी बरामद हुआ। इसके पास से मृतक का
कपडा रूपये व सारा सामान तथा आला कत्ल 2
किलो का लोहे का वाट पुलिस को मिला था।
इस मामले को लेकर कुशीनगर के अपर जिला जज
तृतीय के आदालत में चल रहे इस प्रकरण में
अभियोजन पक्ष की ओर से 10 साक्षीगण का
बयान प्रस्तुत करते हुए जिला सहायक शासकीय
अधिवक्ता ए पी राव ने सुप्रीम कोर्ट का
हवाला देते हुए न्यायालय से सजा देने का
अनुरोध किया। जबकि बचाव पक्ष की ओर से
अधिवक्ताओं ने आरोपी के 8 छोटे छोटे बच्चों
का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने का
अनुरोध किया। साक्ष्यों व तथ्यों के
अवलोकन के उपरान्त दोष सिध्द होने पर
विद्वान न्यायाधीश वृज लाल चौरसिया ने
आरोपी नूर सलाम को आजीवन कारावास व 50
हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थ
दंड न देने पर एक वर्ष सश्रम कारावास का
आदेश पारित किया।
अब भारत की कोई महिला व उसके बच्चे नही
होगें कुपोषण के शिकार
कुशीनगर, 10 नवम्बर। (उप्रससे)। अब भारत
की कोई भी महिला और उसके बच्चें प्रसव के
बाद कुपोषण शकार नही होगें । इसके लिए
भारत सरकार ने बेहतर इतजाम किया है।
इन्दिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का सबसे
ज्यादा लाभ गरीब या कुपोषण की शिकार
महिलाओं व उनके बच्चों को मिलेगा।
सरकार इस योजना को लाकर कुपोषण की समस्या
को समाप्त करने की पहल कर रही है। इसके
तहत धनराशि पात्र महिलाओं के खाते में सीधे
भेजी जायेगी। इसके लिए सरकार डाक विभाग से
सहयोग ले रही है। खाता खोलने के लिए डाक
विभाग माध्यम बनाया गया है। विभाग का पूरा
अमला इस काम में तेजी से जुट गया है। इस
योजना से कुशीनगर ही नही पूरे देश में लागू
करने के लिए प्रस्तावित की गयी है। इन्दिरा
गांधी मातृत्व सहयोग योजना के तहत गर्भवती
व धात्री महिलाओं को 4000 रुपये मिलेंगे।
इनमें उन महिलाओं को इसका लाभ कत्ताई नहीं
मिलेगा। जिनके पास दो से अधिक बच्चे होंगे।
गर्भवती महिलाओं के अलावा उन्हीं धात्री
महिलाओं को इसका लाभ मिल सकेगा जो अपने
बच्चों को पहले से स्तनपान करा रही हैं और
आगे भी करायेंगी। इसके लिए डाक विभाग में
खाता खुलने के बाद महिलाओं को विभाग से
एकाउंट नंबर लेकर संबंधित आंगनबाडी केंद्र
में रजिस्ट्रेशन कराना होगा । ताकि धनराशि
उपलब्ध होते ही पात्र महिलाओं के खाते में
सहयोग राशि सीधे पोस्ट किया जा सके।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सरकार
द्वारा संचालित योजनाओं में व्याप्त धांधली
और भ्रष्टाचार से बचने के लिए डाक विभाग
का चयन किया गया है। भ्रष्टाचार से राहत
मिलेगी डाक अधीक्षक पडरौना बताते है कि यह
बेहद महत्वपूर्ण योजना है। अन्य सरकारी
योजनाओं के वितरण में धांधली और बंदरबांट
को देखते हुए सरकार ने डाक विभाग के
माध्यम से देने की योजना बनाई है। धन
उपलब्ध होते ही सहयोग राशि सीधे पात्र
महिलाओं के खाते में पोस्ट कर दी जायेगी।
आरम्भ में यह योजना सिर्फ 52 जिलों में
लागू हुई थी। |