|
बरेली, 17 अगस्त। (उप्रससे।
लगातार वारिश से रूहेलखण्ड और कुमाउं में
हालात खराब हो रहे हैं। एनईआर रेलवे ने
लाकुंआ और हल्द्वानी के बीच रेलों का
संचालन अगले आदेश तक रोक दिया है। सपर्क्र
क्रांति समेत तीन ट्रेने निरस्त कर दी गई
हैं। पहाड़ों पर बारिश से कुमाऊं की
गौला नदी में बाढ़ आ गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने
एहतियात के तौर पर लालकुआं और
हल्द्वानी के बीच ट्रेनों का संचालन रोक
दिया है। काठगोदाम से चलने वाली
तीन ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं, जबकि
सात ट्रेनों को लालकुआं तक ही
संचालित किया जाएगा।
मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह
ने बताया कि 17 अगस्त से अगली
सूचना तक काठगोदाम से दिल्ली के बीच चलने
वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस,
दिल्ली से रामनगर के बीच चलने वाली लिंक
एक्सप्रेस और मुरादाबाद से
काठगोदाम के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन
को निरस्त कर दिया। इसके अलावा
हावड़ा से काठगोदाम के बीच चलने वाली बाघ
एक्सप्रेस, काठगोदाम से दिल्ली
के बीच चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस,
काठगोदाम से देहरादून के बीच चलने
वाली दून एक्सप्रेस, काठगोदाम से आनंद
विहार के बीच चलने वाली
त्रैसाप्ताहिक एक्सप्रेस, काठगोदाम से
जम्मूतवी के बीच चलने वाली
साप्ताहिक गरीब रथ एक्सप्रेस, काठगोदाम से
कानपुर के बीच चलने वाली
साप्ताहिक गरीब रथ एक्सप्रेस और काठगोदाम
से मुरादाबाद के बीच चलने वाली
पैसेंजर ट्रेन को अगली सूचना तक लालकुआं
तक ही चलाया जाएगा।
उधर पिछले 6 दिनों में हुई तेज बारिश की
वजह से जिले की सभी नदियों में
बेतहाशा पानी बढ़ने से कई गांवों में बाढ़
का खतरा है। किच्छा बैराज से
95 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद
बहेड़ी और मीरगंज के कई गांवों
में पानी दाखिल हो गया है। कोसी नदी में
बाढ़ से बरेली दिल्ली रोड पर
पानी आ गया है। फिलहाल यह रास्ता बंद कर
दिया गया है। किच्छा नदी का
जलस्तर बढ़ने से बहेड़ी-शीशगढ़ मार्ग भी
कट गया है।
बहेड़ी: किच्छा नदी में लगातार पानी बढ़ने
से नारायण नगला के पास सड़क कट
गई है। इससे शीशगढ़, बंजरिया और कताई मिल
जाने वाले रास्ते बंद हो गए।
करीब 150 गाँवों का सम्पर्क बहेड़ी से कट
गया है। बहगुल बांध से भी
2000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की ख़बर है।
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रामपुर
और मुरादाबाद के बीच सड़क पर
पानी आने के कारण सड़क मार्ग बंद कर दिया
गया है। इस रूट की बसों व दूसरे
वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जा
रहा है।
अफसरों को किया सतर्क: बाढ़ के हालातों को
देखते हुए डीएम सुभाष चंद्र
शर्मा ने अफसरों को सतर्क कर दिया है।
डीएम सुभाषचंद्र शर्मा ने शाही के परतापुर
गांव पहुंचकर बहगुल नदी में
बाढ़ का जायजा लिया।
कालागढ़ बांध के अधिशासी अभियंता पीसी गौड़
ने डीएम को फैक्स भेजकर बताया
है कि बांध से बुधवार सुबह आठ बजे को पानी
छोड़ा गया है । पिछले वर्ष के
मुकाबले इस बार कालागढ़ में पानी का
जलस्तर 13 मीटर अधिक है।
पीलीभीत।। बनबसा बैराज से शारदा नदी में
लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने
से ट्रांस शारदा क्षेत्र के कई गांवों में
जलभराव हो गया। करीब पौन दर्जन
गांवों का संपर्क कट गया है। कई परिवार
बाढ़ में घिरने से ऊंचे स्थानों
पर शरण लिए हुए है।
पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से बनबसा बैराज
से शारदा नदी में भारी मात्रा
में पानी छोड़ा गया। तहसील के कंट्रोल रूम
से मिली जानकारी के अनुसार
सुबह चार बजे 270448 क्यूसेक, छह बजे
306224 क्यूसेक, सात बजे 331724
क्यूसेक, दस बजे 357844 क्यूसेक, दोपहर
बारह बजे 377042 क्यूसेक पानी
छोड़ा गया। भारी मात्रा में शारदा नदी में
पास हुए पानी पर नदी उफना गई।
कई गांवों में जलभराव होने से हाहाकार मच
गया। एसडीएम हरिहर राम राजस्व
टीम को लेकर ट्रांस शारदा क्षेत्र को रवाना
हुए है। तहसीलदार नंद कुमार
ने बताया कि पीएसी और मोटरबोट की मांग की
गई है।
हजारा पीएचसी, होम्योपैथिक अस्पताल
कबीरगंज, सिद्धनगर की बैंक आफ बड़ौदा
शाखा, लोनिवि के गेस्टहाउस जलमग्न हैं।
सिद्धनगर-खजुरिया मार्ग कटने से
शास्त्रीनगर, भुरजनिया, भरतपुर, नेहरुनगर,
अयोध्यानगर, लक्ष्मननगर, सहित
करीब पौन दर्जन गांव के लोगों का संपर्क
कट गया है। नहरोसा, राणा
प्रतापनगर, रामनगर, चंद्रनगर समेत दर्जन
भर से अधिक गांवों के घरों में
तीन से चार फिट जलभराव होने से लोग छप्परों,
छतों और अन्य ऊंचे स्थानों
पर शरण लिए हुए है। समाचार लिखे जाने तक
बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी नहीं
पहुंचे थे।
माधोटांडा। शारदा में सुबह तेज गति से पानी
बढ़ना शुरू हुआ। ढकिया
महाराजपुर, थारु बस्ती में चार फिट तक पानी
भर गया। प्रधान इंद्र्रवती,
राधेलाल बताते हैं कि किसी तरह बच्चों को
लेकर छप्परों और ऊंचे स्थानों
पहुंचे। कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
रमनगरा नंबर चार और नौजल्हा एसएसबी
कैंप में भी जलभराव हो गया। जवान सुरक्षित
स्थानों पर शरण को पलायन कर
रहे हैं।गंगा का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा
बदायूं। जिले की गंगा और राम गंगा में जल
बढ़ने की सूचना से हड़कंप मचा
हुआ है। डीएम एवी राजमौलि ने बाढ़ खंड के
अधिकारियों को चेता दिया है।
इसके बाद से सभी अधिकारी क्षेत्रों के
बांधों पर चले गए हैं। एक्सईएन
बाढ़ खंड गंगा-महावा बांध पर डटे हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित तहसीलों के
एसडीएम एलर्ट कर दिए गए हैं। वहीं क्षेत्र
के लेखपालोें को स्थिति पर नजर
रखने को कहा है। यह सब हरिद्वार डैम से
पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद
से हुआ है। मंगलवार की रिपोर्ट पर ध्यान
दें तो सीजन का सर्वाधिक लगभग
तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
जितनी भारी मात्रा मेें पानी छोड़ा जाता
है। उसकी गति भी उतनी ही तेज
होती है। वैसे तो हरिद्वार से आने वाला
पानी कछला तक 72 घंटे लगाता है
लेकिन अधिक मात्रा में होने के कारण इसके
जल्दी पहुंचने के संकेत हैं।
नरौरा बैराज से सवा लाख क्यसेक पानी चल रहा
है। मीटरगेज पर गंगा काफी
नीचे है लेकिन बढ़ने की संभावना है।
रामगंगा में जल स्तर बढ़ने लगा है।
मंगलवार को 159.250 मापा गया। कालागढ़ से
और पानी छोड़ने की संभावना
है। सोत, अरिल नदी, महावा, भैंसोर आदि में
पानी आ गया है। |