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  यूपी विधान सभा में ढाई लाख करोड़ रूपये का बजट पेश
  सरकार ने 80 हजार करोड़ की अनुदान मांगें पारित कराईं
Tags: Uttar Pradesh Vidhan Sabha, Budget 2014-2015, Lekhanudan
Publised on : 21 February 2014 Time: 14:04

Uttar Pradesh Vidhan Sabha में बजट पेश करते Chief Minister Akhilesh Yadavलखनऊ, 21 फरवरी। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2014-2015 के लिए विधान साा में 2 लाख 59 हजार 848.68 करोड़ रुपए का अन्तरिम बजट प्रस्तुत कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2014-2015 के चार महीने अप्रैल, मई, जून और जुलाई के लिए लेखानुदान पास कराया। अनुदान राशि 80 हजार 86 करोड़ 46 लाख रुपए की है। सरकार द्वारा यह धनराशि किसी ाी नई सेवा या नई योजना पर व्यय नहीं की जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट और लेखानुदान मांगें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रस्तुत कीं। बजट पर बाद में सदन विचार करेगा तथा लेखानुदान मांगे आज ही पारित कर दी गईं। लेखानुदान मागों पर कोई चर्चा नहीं हुई। हालांकि नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य ने लेखानुदान मागों पर चर्चा की मांग की थी। किन्तु अध्यक्ष ने परम्परा का हवाला देते हुए चर्चा कराये जाने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ठीक 12 बजकर 20 मिनट पर बजट पेश किया। इसके बाद उन्होंने लेखानुदान प्रस्तुत कर दिया। बजट में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 2 लाख 54 हजार 666 करोड़ रुपए की आय का अनुमान दर्शाया गया है जिसके विपरीत 2 लाख 59 हजार 848 करोड़ रुपए व्यय का अनुमान है। इस प्रकार यह बजट 5 हजार 181 करोड़ रुपए घाटे का बजट है। आय का अनुमान 2 लाख 15 हजार 846 करोड़ की राजस्व प्राप्तियां तथा 38 हजार 820 करोड़ रूपये की पूंजीगत प्राप्तियां होंगीं। इसमें लोक ऋण से 38 हजार 329 करोड़ तथा अग्रिम से 490 करोड़ रूपये की प्राप्तियां शामिल हैं। राजस्व प्राप्तियों में राज्य के अपने कर से 80 हजार 156 करोड़, केन्द्रीय करों में राज्यांश से 72 हजार 976 करोड़ तथा करेत्तर राजस्व से 17 हजार 866 करोड़ प्राप्त होंगे। जबकि केन्द्रीय सहायता से 44 हजार 847 करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान है। बजट के कुल व्यय में 88 हजार 623 करोड़ आयोजनागत पक्ष में तथा 1 लाख 71 हजार 224 करोड़ आयोजनेतर पक्ष में व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने मात्र दस मिनट में अपना बजट ााषण पढ दिया।
प्रदेश सरकार ने आगामी लोकसाा चुनाव के मद्देनजर पूर्ण बजट पारित कराने से परहेज किया। क्योंकि इसमें बजट सत्र लम्बा चलाना पड़ता। समाजवादी पार्टा और अन्य दल ाी लोकसाा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर लम्बे सत्र के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए साी ने सहमति बनाकर चार महीने के काम-काज के लिए लेखा अनुदान मांगें पारित कर दीं। हालांकि सरकार ने आज अंतरिम बजट ाी पेश किया किन्तु उस पर विस्तृत चर्चा तथा विाागवार मदों का विवरण तथा उनका पारण जुलाई के बाद किया जाएगा। इसी कारण इस समय सरकार ने न तो कोई नई घोषणा की है और न ही किसी तरह की नई राहत दी गई है। सिर्फ चार महीने के काम-काज के लिए सरकार ने धन की व्यवस्था की है।

 

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News source: U.P.Samachar Sewa

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